राम मंदिर ट्रस्ट के कथित वित्तीय मामलों पर कांग्रेस का बड़ा हमला

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मुंगेली में पत्रकार वार्ता कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और जवाबदेही की उठाई मांग

कांग्रेस बोली— भगवान राम आस्था के प्रतीक, श्रद्धालुओं के चंदे और चढ़ावे के उपयोग में हो पूरी पारदर्शिता

मुंगेली। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय मामलों को लेकर केंद्र सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं से प्राप्त चंदे और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के उपयोग को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं, जिनकी सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बिलासपुर के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुंगेली प्रभारी विजय केशरवानी ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों तक देशभर के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और आम श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग करते रहे। ऐसे में यदि ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, दान राशि और चढ़ावे के उपयोग को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं तो उनकी पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं के मन में किसी प्रकार का संशय न रहे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी धार्मिक आस्था या राम मंदिर निर्माण का विरोध नहीं कर रही है। पार्टी केवल यह चाहती है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए प्रत्येक रुपये का हिसाब सार्वजनिक हो तथा यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो।

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‘राम के नाम पर राजनीति करने वालों को देना होगा जवाब’

विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े संगठनों ने वर्षों तक भगवान राम के नाम पर जनसमर्थन और चंदा जुटाया। उन्होंने कहा कि अब जब ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय मामलों को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं तो सरकार और संबंधित पक्षों को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सभी वित्तीय लेन-देन नियमों के अनुरूप हुए हैं तो स्वतंत्र जांच से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाए तीन प्रमुख सवाल

जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने पत्रकार वार्ता में तीन प्रमुख सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट का गठन उच्च स्तर की निगरानी में हुआ था तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही कौन तय करेगा।

उन्होंने दूसरा सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी थीं तो ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों हुए।

तीसरे सवाल में उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है।

कांग्रेस ने गिनाए कथित तथ्य

पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे, मीडिया में प्रकाशित खबरें तथा वित्तीय प्रबंधन को लेकर सामने आए आरोप पूरे मामले को गंभीर बनाते हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं तो निष्पक्ष जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट हो जानी चाहिए।

कांग्रेस ने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण, भूमि खरीद, मंदिर के विभिन्न आयोजनों, चढ़ावे और दान राशि के उपयोग की भी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री से मांगा जवाब

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना था कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय में केंद्र सरकार को पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होना लोकतांत्रिक व्यवस्था और श्रद्धालुओं के विश्वास दोनों के लिए आवश्यक है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने कई मांगें भी रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • पूरे मामले की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
  • कथित अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आय-व्यय, दान राशि, चढ़ावे, भूमि खरीद एवं अन्य वित्तीय लेन-देन का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।
  • ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक कर श्रद्धालुओं के सामने पूरे वित्तीय विवरण प्रस्तुत किए जाएं।
  • ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे कांग्रेस पदाधिकारी

पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा, विजय केशरवानी, संजीत बनर्जी, थानेश्वर साहू, रोहित शुक्ला, हेमेंद्र गोस्वामी, दीपक गुप्ता, श्याम जायसवाल, मनीष त्रिपाठी, संजय यादव, नरेश पाटले, संजय जायसवाल, नीरज यादव, श्रीनिवास ठाकुर, उमेश सोनी, मुकेश साहू, रमेश राजपूत, त्रिलोकी वर्मा, टेकराम सोनवानी, वहाब खान, विष्णु खांडे, उर्मिला यादव, अनीता विश्वकर्मा, मंजू शर्मा, अनीता सोनी, वैशाली सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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