अमरकंटक के शारदा आश्रम से निकाली गई भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा
संत-महात्माओं एवं नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक किया सहभाग,वर्षा भी नहीं डिगा सकी भक्तों की आस्था
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा एवं शोभायात्रा श्रद्धा , भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई । रथयात्रा का शुभारंभ वार्ड क्रमांक 15 जमुनादादर स्थित शारदा आश्रम (ब्रह्मलीन साध्वी रीता माता आश्रम) से हुआ । इस परंपरा की शुरुआत ब्रह्मलीन साध्वी रीता माता द्वारा की गई थी जो आज भी निरंतर जारी है । रथयात्रा में संत-महात्माओं , श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की ।

भगवान जगन्नाथ जी की शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए मां नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंची जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया । नर्मदा मंदिर के पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी (बंटी महाराज) ने विशेष पूजा संपन्न कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया । इसके पश्चात रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पंडित दीनदयाल चौक पहुंची और पुनः शारदा आश्रम लौटकर संपन्न हुई ।
रथयात्रा में गीता स्वाध्याय मंदिर के संत स्वामी नर्मदानंद गिरी जी महाराज , शंकराचार्य आश्रम के व्यवस्थापक ब्रह्मचारी नर्मदानंद जी , शारदा आश्रम के महंत स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज , नर्मदा मंदिर के पुजारी पंडित उमेश द्विवेदी , वार्ड पार्षद श्रीमती विमला दुबे , श्रीमती आसू दुबे , श्रीमती अप्सरा गर्ग , पंडित राम ज्योतिषी , श्रीमती श्वाति ज्योतिषी , मिथिला बाई , निरमतीया बाई सहित अनेक श्रद्धालु , संत-महात्मा एवं नगरवासी उपस्थित रहे ।
ढोल-नगाड़ों , आतिशबाजी , भक्ति गीतों और जयघोषों के बीच श्रद्धालु “हरे कृष्ण, हरे राम” का संकीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए । नगरवासियों ने विभिन्न स्थानों पर भगवान जगन्नाथ जी की आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रसाद ग्रहण किया । रथयात्रा के दौरान आतिशबाजी भी की गई, जिससे पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा ।

वर्षा भी नहीं डिगा सकी भक्तों की आस्था
रथयात्रा के दौरान शाम के समय हुई वर्षा ने भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं किया । यात्रा आधे से ज्यादा मार्ग तय करके पहुंची ही थी कि बारिश शुरू हो गई । इसके बावजूद श्रद्धालु एवं नगरवासी भीगते हुए पूरे श्रद्धाभाव के साथ यात्रा में शामिल रहे । भजन-कीर्तन , जयघोष और संकीर्तन का क्रम वर्षा के बीच भी निरंतर चलता रहा । अनेक श्रद्धालुओं ने इस वर्षा को भगवान जगन्नाथ जी का आशीर्वाद मानते हुए और अधिक उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की ।
भजन-कीर्तन , जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली यह भव्य रथयात्रा नगरवासियों के लिए श्रद्धा , आस्था और आकर्षण का केंद्र बनी रही । आश्रम के आसपास के श्रद्धालु महिलाओं , पुरुषों एवं बच्चों की बड़ी संख्या में सहभागिता से अमरकंटक की पावन धरा देर शाम तक भक्तिरस में सराबोर रही ।

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