रतनपुर की जलधरोहर को मिलेगी नई पहचान, चार प्राचीन तालाबों के संरक्षण के लिए ₹25.90 करोड़ स्वीकृत
मिशन अमृत 2.0 के तहत रतनपुर और तखतपुर में होंगे संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन के कार्य
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बोले— जल संरक्षण के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया आयाम
बिलासपुर। ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी रतनपुर के प्राचीन तालाबों को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के रतनपुर और तखतपुर स्थित चार प्रमुख तालाबों के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण के लिए ₹2,589.69 लाख (लगभग ₹25.90 करोड़) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्वीकृति को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू के प्रयासों का परिणाम बताया गया है।
स्वीकृत परियोजनाओं में केवल निर्माण एवं विकास कार्य ही नहीं, बल्कि अगले पांच वर्षों तक संचालन और संधारण का भी प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे विकसित परिसंपत्तियों का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
जल संरक्षण के साथ विरासत संरक्षण पर भी रहेगा फोकस
रतनपुर को लंबे समय से “तालाबों की नगरी” के रूप में जाना जाता है। यहां के प्राचीन तालाब न केवल पेयजल और भूजल संरक्षण के स्रोत रहे हैं, बल्कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखते हैं। समय के साथ कई तालाबों की स्थिति प्रभावित हुई, जिसके संरक्षण और पुनर्जीवन की मांग लंबे समय से उठ रही थी।

मिशन अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत इन परियोजनाओं के माध्यम से तालाबों की सफाई, गहरीकरण, तटों का सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण संरचनाओं का विकास तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे जल स्रोतों की क्षमता बढ़ेगी, भूजल स्तर में सुधार होगा और स्थानीय पर्यावरण को भी मजबूती मिलेगी।
चार प्रमुख तालाबों के लिए मिली स्वीकृति
परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित तालाबों के विकास के लिए राशि स्वीकृत की गई है—
- रत्नेश्वर तालाब, रतनपुर – ₹949.99 लाख (लगभग ₹9.50 करोड़)
- कृष्णार्जुनी तालाब, रतनपुर – ₹749.95 लाख (लगभग ₹7.50 करोड़)
- दनिहा तालाब, रतनपुर – ₹449.85 लाख (लगभग ₹4.50 करोड़)
- टोनही तालाब, तखतपुर – ₹439.90 लाख (लगभग ₹4.40 करोड़)
इन चारों परियोजनाओं के लिए कुल ₹2,589.69 लाख (लगभग ₹25.90 करोड़) की राशि स्वीकृत की गई है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि तालाबों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण से रतनपुर और तखतपुर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। रतनपुर पहले से ही मां महामाया मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थलों के कारण प्रदेशभर के श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में तालाबों के विकसित होने से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही जल संरक्षण की दिशा में यह परियोजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण साबित होगी। तालाबों के पुनर्जीवन से वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
तोखन साहू ने जताया आभार
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि रतनपुर की पहचान उसके प्राचीन मंदिरों, तालाबों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से है। इन जलस्रोतों का संरक्षण केवल विकास परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से इन तालाबों का संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
तोखन साहू ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र में जल संरक्षण, आधारभूत संरचना के विकास और आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए उनके प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।

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