जल जीवन मिशन को मिल रही नई गति, प्रदेशभर में जल गुणवत्ता परीक्षण अभियान तेज
जिलों में जल बहनों को एफटीके प्रशिक्षण, सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने पर जोर
रायपुर । छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल गुणवत्ता परीक्षण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि गांवों में स्थानीय स्तर पर पेयजल की नियमित जांच सुनिश्चित की जा सके।
इसी क्रम में बलरामपुर जिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जल परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। विकासखंड कुसमी के ग्राम नीलकंठपुर एवं स्याही तथा विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम रामपुर में जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान पेयजल की गुणवत्ता जांचने की वैज्ञानिक प्रक्रिया, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल जीवन मिशन के उद्देश्यों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जल बहनों को जल के नमूनों की जांच का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। साथ ही उन्हें अपने-अपने गांवों में नियमित रूप से जल गुणवत्ता की निगरानी करने और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। ग्राम स्याही में प्रशिक्षण के साथ फील्ड टेस्ट किट का वितरण भी किया गया, जिससे जल बहनें गांव स्तर पर जल की गुणवत्ता की नियमित जांच कर सकें।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित यह पहल ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ जलजनित बीमारियों की रोकथाम और प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित जल बहनों की सहभागिता से जल गुणवत्ता की सतत निगरानी मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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