बैगा ग्राम बहाउड़ में क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन जनजागरूकता शिविर आयोजित

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26 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच, तीन संदिग्ध टीबी मरीजों के बलगम नमूने जांच के लिए लिए जाएंगे

मुंगेली। जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक के मार्गदर्शन में मंगलवार को विकासखंड लोरमी के विस्थापित बैगा ग्राम बहाउड़ में क्षय (टीबी) एवं कुष्ठ उन्मूलन जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों में टीबी एवं कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना तथा स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना था।

26 मरीजों की हुई जांच

शिविर में कुल 26 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 3 संदिग्ध टीबी मरीज, 2 उच्च रक्तचाप (बीपी), 2 कमजोरी, 4 खुजली, 2 दाद, 7 सर्दी-खांसी, 3 बुखार तथा 3 अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज मिले।

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स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संदिग्ध टीबी मरीजों के बलगम के नमूने एकत्र कर नॉट (NAAT) मशीन से जांच कराई जाएगी, ताकि समय पर बीमारी की पुष्टि कर उपचार शुरू किया जा सके।

मरीजों को दी गई दवा और परामर्श

जिला क्षय एवं कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे ने शिविर में सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। साथ ही मरीजों को दवाइयां वितरित की गईं और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया।

इस दौरान टीबी एवं कुष्ठ रोग की रोकथाम, पहचान और उपचार संबंधी जानकारी देने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया तथा पाम्पलेट वितरित किए गए।

मितानिनों को भी किया गया प्रशिक्षित

शिविर में गांव की मितानिनों को भी टीबी एवं कुष्ठ रोग की पहचान, जांच के लक्ष्य तथा बचाव के उपायों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे गांव स्तर पर संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दे सकें।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ऐसे जनजागरूकता शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ और संसाधनविहीन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना तथा गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना है।

इनकी रही सहभागिता

जनजागरूकता शिविर में स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक अमिताभ तिवारी, पीएमडीटी समन्वयक धीरज रात्रे, डीपीपीएमसी अमित सिंह, सुपरवाइजर लता दर्रो, सीएचओ भावना सोनी तथा ग्राम की मितानिनों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।

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