NEET को हमेशा के लिए खत्म करो…’, थलपति विजय की पार्टी ने कर दी बड़ी मांग

0
7-54

चेन्नई । NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी छात्रों के समर्थन में खुलकर मैदान में आ गए हैं। तमिल सिनेमा के ‘थलपति’ और अब सूबे के मुखिया विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कज़गम (TVK) ने नीट परीक्षा को लेकर एक ऐसी मांग कर दी है, जिसने सियासी पारे को और भी ज्यादा चढ़ा दिया है। TVK ने दो टूक कहा है कि नीट में धांधली रोकना ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरी प्रवेश परीक्षा को ही हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर देना चाहिए।

संविधान में बड़े बदलाव की उठी मांग

छात्रों के भविष्य और राज्यों के अधिकारों का हवाला देते हुए TVK ने संविधान में बड़े बदलाव की वकालत की है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर राज्य सूची में ट्रांसफर कर दिया जाना चाहिए। पार्टी ने यह भी सुझाया है कि अगर ऐसा करने में कोई कानूनी अड़चन आती है, तो अंतरिम उपाय के तौर पर एक ‘विशेष समवर्ती सूची’ बनाई जाए। इससे राज्य सरकारों को मेडिकल एजुकेशन पर पूरा अधिकार मिल सकेगा। पार्टी ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री विजय पहले ही इस समाधान की रूपरेखा तय कर चुके हैं।

DMK को याद दिलाया उनका झूठा वादा

इस मुद्दे पर TVK ने राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी DMK पर भी जमकर निशाना साधा। TVK ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी पार्टी छात्रों और जनता के साथ धोखे की राजनीति नहीं करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे महज वोटों के लालच में यह झूठा दावा कभी नहीं करेंगे कि “हम खुद नीट रद्द कर देंगे।” गौरतलब है कि DMK ने 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले जनता से वादा किया था कि सत्ता में आते ही वे तमिलनाडु में नीट को खत्म कर देंगे, जिसे लेकर अब TVK ने उन्हें आड़े हाथ लिया है।

सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे रैपर से CM ने की मुलाकात

नीट के खिलाफ विरोध की आंच सचिवालय तक भी पहुंच गई है। मंगलवार को नीट परीक्षा के विरोध में मशहूर रैपर ‘थेरुकुरल’ अरिवु ने तमिलनाडु सचिवालय के बाहर धरना दिया। शुरुआत में पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया था, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर उन्हें ससम्मान सचिवालय के अंदर बुलाया गया। सूत्रों के मुताबिक, सीएम विजय ने अरिवु से मुलाकात की और राष्ट्रीय स्तर की इस प्रवेश परीक्षा को लेकर उनकी चिंताएं सुनीं। बता दें कि तमिलनाडु सरकार लंबे समय से नीट को खत्म करने की वकालत कर रही है और उसकी मांग है कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिला 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही होना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!