बस्तर में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था की मजबूत कड़ी बने ‘नल जल मित्र’
प्रशिक्षित युवा गांवों में संभाल रहे नल-जल योजनाओं और हैंडपंपों के संधारण की जिम्मेदारी
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की पहल से पेयजल योजनाओं का स्थानीय स्तर पर हो रहा प्रभावी संचालन, युवाओं को मिल रहा रोजगार
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अभिनव पहल ‘नल जल मित्र’ योजना प्रभावी परिणाम दे रही है। बस्तर जिले में प्रशिक्षण प्राप्त स्थानीय युवा अब ग्राम पंचायतों में नल-जल योजनाओं एवं हैंडपंपों के संचालन, संधारण और मरम्मत की जिम्मेदारी निभाते हुए ग्रामीण पेयजल व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन रहे हैं। इससे एक ओर ग्रामीणों को पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान मिल रहा है, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नल जल मित्रों को लाइवलीहुड कॉलेज जगदलपुर में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष होकर ग्राम पंचायतों में जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित कर सकें।

90 नल जल मित्र हुए प्रशिक्षित कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार जिले में अब तक तीन प्रशिक्षण बैचों के माध्यम से 90 नल जल मित्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशिक्षण के बाद ये नल जल मित्र अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं का संचालन, पाइपलाइन की छोटी-मोटी मरम्मत, लीकेज सुधार, मोटर एवं वाल्व की देखरेख तथा हैंडपंपों के नियमित संधारण का कार्य कर रहे हैं। इससे पेयजल योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी हुआ है तथा ग्रामीणों को समस्याओं के समाधान के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।
ग्राम पंचायतों से प्रोत्साहन, बढ़ी अतिरिक्त आय ग्राम पंचायतों द्वारा नल जल मित्रों को जल प्रदाय योजनाओं एवं हैंडपंपों के रखरखाव के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी दक्षता के आधार पर कई नल जल मित्र अपने क्षेत्र में प्लम्बर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे उनकी अतिरिक्त आय सुनिश्चित हो रही है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
गांवों में मिल रहे सकारात्मक परिणाम बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोदामालीगुड़ा के सरपंच समदूराम कश्यप ने बताया कि नल जल मित्र फूलसिंह नेताम की सक्रिय सेवाओं के कारण गांव में जल स्रोतों का बेहतर रखरखाव हो रहा है। वहीं लोहण्डीगुड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोड़ेबेड़ा के सरपंच दुलबंधु कश्यप के अनुसार नल जल मित्र मोतीराम ठाकुर न केवल पेयजल योजनाओं और हैंडपंपों के संधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों को जल संरक्षण और पेयजल प्रबंधन के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं।
आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसे प्रशिक्षित स्थानीय मानव संसाधन तैयार करना है, जो पेयजल योजनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी स्वयं निभा सकें। इससे छोटी तकनीकी खराबियों के समाधान के लिए बाहरी कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी, योजनाओं का संचालन अधिक टिकाऊ और प्रभावी बनेगा तथा ग्रामीणों को नियमित एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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