इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर युवती को ब्लैकमेल करने वाला साइबर अपराधी बिहार से गिरफ्तार
APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लिया, अंतरंग फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ऐंठे 13 हजार रुपये
रायगढ़। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, मोबाइल हैक कर ब्लैकमेल करने और रुपये ऐंठने वाले एक साइबर अपराधी को रायगढ़ साइबर थाना पुलिस ने बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने युवती के मोबाइल का एक्सेस हासिल कर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए 13 हजार रुपये वसूल लिए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 वर्षीय युवती ने 12 जून 2026 को साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि करीब छह वर्ष पहले उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर एक युवक से हुई थी, जिसने अपना नाम अविनाश उर्फ राजा निवासी मुजफ्फरपुर (बिहार) बताया था। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने विश्वास में लेकर युवती से निजी फोटो और वीडियो मंगवाए।
कुछ समय बाद आरोपी ने युवती को एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के साथ उसका एक्सेस कोड भी साझा करने के लिए कहा। युवती द्वारा ऐसा करने पर आरोपी ने उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उसने मोबाइल में मौजूद निजी फोटो, वीडियो और संपर्क सूची अपने कब्जे में ले ली।

आरोपी ने युवती को सोशल मीडिया और उसके परिजनों के पास अंतरंग फोटो-वीडियो भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग शुरू कर दी। बदनामी के डर से युवती ने आरोपी के पेटीएम खाते में तीन किस्तों में 3 हजार, 5 हजार और 5 हजार रुपये, कुल 13 हजार रुपये भेज दिए। इसके बावजूद आरोपी लगातार ब्लैकमेल करता रहा और युवती के परिजनों से संपर्क कर उसे बदनाम करने का प्रयास किया।
शिकायत मिलने पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 10/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2), 351(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी के आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए। इसके बाद विशेष पुलिस टीम को बिहार रवाना किया गया।
पुलिस टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के बेला थाना क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी अविनाश चौधरी (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करते हुए युवती से 13 हजार रुपये लेने की बात कबूल की। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने यूट्यूब के माध्यम से हैकिंग के तरीके सीखकर इस प्रकार की साइबर ठगी को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपी अविनाश चौधरी, पिता रमेश चौधरी, वर्तमान निवासी बर चौक, बेला, जिला मुजफ्फरपुर तथा स्थायी निवासी जाफराबाद, खजहाचक उर्फ सहदेपुर, थाना लालगंज, जिला वैशाली (बिहार) को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, एएसआई नंद कुमार सारथी, आरक्षक महेश पंडा, पुष्पेन्द्र जाटवर और संतराम कैवर्त की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने तथा किसी के कहने पर APK फाइल डाउनलोड करने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो घबराकर रकम न भेजें। ऐसे मामलों की तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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