वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन अपराधों की जांच प्रक्रिया को बनाया जा रहा अधिक प्रभावी
वन अधिकारियों और मैदानी अमले को ऑनलाइन पीओआर एवं वन अपराध जांच प्रक्रिया का दिया गया प्रशिक्षण
डिजिटल प्रणाली से बढ़ेगी पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता
रायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा विभागीय कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा ऑनलाइन प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी दिशा में वनमंडल दंतेवाड़ा में वन अधिकारियों एवं मैदानी अमले के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वन अपराधों की जांच एवं प्रकरणों के ऑनलाइन प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
ऑनलाइन पीओआर और जांच प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन पीओआर (प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट) दर्ज करने की प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि वन अपराधों से जुड़े मामलों को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने से न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे, बल्कि कार्रवाई की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
प्रतिभागियों को जांच अधिकारी की नियुक्ति, जप्त किए गए वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने की कार्यवाही तथा आवश्यक प्रपत्रों के संधारण और तैयार करने की विधि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

वन अपराध प्रकरणों के विधिसम्मत निराकरण पर जोर
प्रशिक्षण में वन अपराध प्रकरणों की जांच के दौरान उप वनमंडलाधिकारी, वनमंडलाधिकारी और मुख्य वन संरक्षक स्तर तक प्रकरणों को प्रस्तुत करने तथा अग्रेषित करने की प्रक्रिया को भी समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से प्रकरणों की प्रगति की सतत निगरानी की जा सकती है, जिससे मामलों के निराकरण में अनावश्यक विलंब को रोका जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान करते हुए अधिकारियों ने वन अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी, त्वरित और विधिसम्मत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही यह भी बताया गया कि कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाना वन संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पारदर्शिता और कार्यकुशलता में होगा इजाफा
प्रशिक्षण में बताया गया कि ऑनलाइन प्रणाली के प्रभावी उपयोग से वन अपराध प्रकरणों की निगरानी, दस्तावेजीकरण और निराकरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ेगी, वहीं वन अपराधों पर नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी।
अधिकारियों ने मैदानी अमले से आह्वान किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि वन अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई और अधिक मजबूत एवं परिणामकारी बन सके।
अधिकारी और कर्मचारी रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी रंगनाथ रामाकृष्णा वाय., उप वनमंडलाधिकारी दंतेवाड़ा, उप वनमंडलाधिकारी गीदम सहित वनमंडल दंतेवाड़ा के सभी परिक्षेत्र अधिकारी, वन कर्मचारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा। कार्यक्रम में वन अपराधों की रोकथाम, डिजिटल प्रणाली के उपयोग और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

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