शिव आराधना रोक ले ये कांग्रेस की कुबत नहीं : अमित चिमनानी

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भोरमदेव में मुख्यमंत्री के धार्मिक अनुष्ठान पर कांग्रेस की टिप्पणी सनातन आस्था, करोड़ो शिवभक्तों का अपमान

“कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर भाजपा का हमला, कहा- चर्च,मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने में कोई आपत्ति नहीं, शिव पूजा से तकलीफ क्यों?

रायपुर । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता  अमित चिमनानी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कवर्धा स्थित विश्वप्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान पर कांग्रेस द्वारा की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए इसे सनातन आस्था और करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कांग्रेस के कुबत नहीं कि वो शिव की आराधना रुकवा सके।

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श्री चिमनानी ने कहा कि भगवान शिव की आराधना भारत की सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है। कोई श्रद्धालु अमरनाथ की यात्रा करता है, कोई बद्रीनाथ धाम जाता है और छत्तीसगढ़ के लाखों श्रद्धालु भगवान भोरमदेव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए भोरमदेव मंदिर पहुँचते हैं। यह प्रत्येक हिंदू की व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता का विषय है। ऐसे पवित्र धार्मिक अनुष्ठान को राजनीतिक कटाक्ष और संदेह का विषय बनाना कांग्रेस की विकृत और हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच से मुख्यमंत्री के धार्मिक अनुष्ठान को लेकर जिस प्रकार के प्रश्न खड़े किए गए हैं, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या किसी व्यक्ति का भगवान शिव की आराधना करना भी अब उसके लिए राजनीतिक विषय बन गया है। धार्मिक अनुष्ठानों का उपहास उड़ाना कांग्रेस की हताशा और सनातन विरोधी सोच का परिचायक है।

भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को चर्च जाने, टोपी पहनकर किसी भी धार्मिक आयोजन में शामिल होने या अन्य धर्मों के धार्मिक कार्यक्रमों में जाने पर कभी कोई आपत्ति नहीं होती। भारतीय जनता पार्टी भी सभी धर्मों और पंथों का सम्मान करती है। किंतु यदि कोई हिंदू अपनी परंपरा के अनुसार भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता है, तो कांग्रेस उसे भी संदेह और व्यंग्य का विषय बना देती है। इससे घटिया मानसिकता कोई नहीं हो सकती।

श्री चिमनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना से धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी होते हैं। भारतीय संस्कृति में लोकमंगल के लिए पूजा-अर्चना और यज्ञ-अनुष्ठान की गौरवशाली परंपरा रही है। इसे लेकर अनर्गल टिप्पणियाँ करना न केवल धार्मिक परंपराओं का अपमान है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी आहत करने वाला कृत्य है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक निराशा और हताशा में धार्मिक आस्थाओं को निशाना बनाने से बचना चाहिए। भाजपा प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सनातन मूल्यों के सम्मान के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी तथा किसी भी प्रकार से हिंदू आस्था का उपहास उड़ाने के प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से सशक्त प्रतिवाद करती रहेगी। कांग्रेस को इस कृत्य की माफी नहीं मिलेगी।

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