तोखन साहू ने पीएमएवाई-यू 2.0 के क्रियान्वयन की समीक्षा कर अधिकारियों का बढ़ाया उत्साह
पीएम आवास योजना (शहरी) एवं पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 127 लाख से अधिक आवास स्वीकृत, 96 लाख से अधिक परिवारों को मिला अपना घर
नई दिल्ली । केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में हाउसिंग फॉर ऑल (HFA) प्रभाग का दौरा कर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एवं पीएमएवाई-यू 2.0 के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, सलाहकारों, युवा पेशेवरों एवं सहयोगी कर्मचारियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा मिशन के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।

दौरे के दौरान श्री साहू ने संयुक्त सचिव (एचएफए एवं हाउसिंग) कुलदीप नारायण तथा उप महानिदेशक (एचएफए) आर. के. गौतम के साथ विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के क्रियान्वयन, मिशन की प्रगति, प्राथमिकताओं एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की तथा टीमों से प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा की।

श्री साहू ने PMAY-U मॉनिटरिंग डैशबोर्ड का अवलोकन करते हुए योजना के क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी एवं डेटा-आधारित सुशासन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी प्रणाली पारदर्शिता, जवाबदेही और वास्तविक समय में प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने मिशन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नवाचार एवं तकनीक के व्यापक उपयोग पर बल दिया।
इस अवसर पर श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) एवं पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत अब तक 127 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें 16 लाख से अधिक आवास पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत हैं। इनमें से 121 लाख से अधिक आवासों का निर्माण प्रारंभ हो चुका है, 99 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा 96 लाख से अधिक परिवार अपने पक्के घरों में प्रवेश कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियाँ केवल आँकड़े नहीं हैं, बल्कि करोड़ों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन की कहानी हैं। “प्रत्येक पूर्ण हुआ आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। आप केवल घर नहीं बना रहे हैं, बल्कि करोड़ों लोगों के सपनों को साकार कर रहे हैं।”
श्री साहू ने योजना के समावेशी स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृत आवासों में 21 लाख से अधिक अनुसूचित जाति, 5 लाख से अधिक अनुसूचित जनजाति, लगभग 50 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 22 लाख से अधिक अल्पसंख्यक समुदाय के लाभार्थी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक करोड़ से अधिक आवास महिलाओं के नाम अथवा संयुक्त स्वामित्व में स्वीकृत किए गए हैं, जो महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और आर्थिक सुरक्षा के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएमएवाई-यू 2.0 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करते हुए समावेशी शहरी विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के दौरे के दौरान लाभार्थियों से हुए संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अपने पक्के घर में रहने वाले परिवारों के चेहरे पर दिखाई देने वाली खुशी इस योजना की वास्तविक सफलता का प्रमाण है।
श्री साहू ने हाउसिंग फॉर ऑल प्रभाग के सभी अधिकारियों, सलाहकारों, युवा पेशेवरों एवं कर्मचारियों के समर्पण, दक्षता और अथक परिश्रम की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय महत्व के इस मिशन में उनके अमूल्य योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीम इसी प्रतिबद्धता और सेवा-भाव के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र शहरी परिवार तक सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त करेगी।
इसी क्रम में तोखन साहू ने नई दिल्ली में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल से भी भेंट कर समाज के कल्याण एवं विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ से आने वाले विद्यार्थियों, युवाओं एवं समाज के लोगों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु छात्रावास एवं सभागार के निर्माण के लिए भूमि आवंटन संबंधी ज्ञापन सौंपा।
श्री साहू ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि उनके प्रस्ताव का प्रचलित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने समाज द्वारा शिक्षा, सामाजिक उत्थान एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी निरंतर सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

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