मुख्यधारा से जुड़ रहे पुनर्वासित युवा वित्तीय साक्षरता कार्यशाला से बढ़ा आत्मविश्वास, 80 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप प्राप्त रूप से सशक्त बनाने के लिए छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 लागू की है। इस नीति के तहत वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए जनसंपर्क छत्तीसगढ़ पर जा सकते हैं। पुनर्वास प्राप्त नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तत्वावधान में बुधवार को पुनर्वास केंद्र में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में लगभग 80 पुनर्वासित युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय अधिकारों और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देना था, ताकि वे सुरक्षित वित्तीय लेन-देन कर सकें और अपने भविष्य की बेहतर आर्थिक योजना बना सकें। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक सत्येंद्र राठौर, अग्रणी जिला अधिकारी नवीन तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक मनीष कुमार कुशरो तथा कार्तिक राम बाँधेकर उपस्थित रहे।

बचत और वित्तीय सुरक्षा पर दिया गया जोर नवीन तिवारी ने कहा कि वित्तीय साक्षरता से व्यक्ति अपनी आय और बचत का बेहतर प्रबंधन कर सकता है। उन्होंने बैंकिंग लोकपाल व्यवस्था और उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को वित्तीय मामलों में जागरूक रहने की सलाह दी।
साइबर सुरक्षा और सुरक्षित निवेश की जानकारी कार्यशाला में बैंक खाता खोलने और संचालन, बचत की आदत, केवाईसी प्रक्रिया, बैंक ऋण, जमाकर्ताओं और ऋणग्राहकों के अधिकार, बैंकिंग लोकपाल, चिटफंड कंपनियों से सावधानी, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों तथा साइबर वित्तीय सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्तिक राम बाँधेकर ने प्रतिभागियों को केवल अधिकृत बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से ही वित्तीय लेन-देन करने और किसी भी संस्था में निवेश से पहले उसके पंजीकरण की जानकारी अवश्य जांचने की सलाह दी।
पुनर्वास को मिल रही नई दिशा कार्यशाला के माध्यम से पुनर्वासित युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें बैंकिंग सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। प्रशासन की यह पहल पुनर्वासित युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समर्पित संस्था की ऑफिस इंचार्ज सुश्री सरिता गंधामी, काउंसलर विकास सोनी, सुश्री सुनीता सोनी तथा अन्य सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
