बिलासपुर-रायपुर NH-130 पर भीषण हादसा: शॉर्ट सर्किट से चलती डस्टर कार बनी आग का गोला; 46 बंडल सरकारी किताबें और दस्तावेज खाक
रिपोर्टर ✒️ मनीष अग्रवाल
सरगांव/मुंगेली । बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे (NH-130) पर शनिवार सुबह 10:30 से 11:00 बजे के बीच ग्राम किरना और सरगांव के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। रायपुर से बिलासपुर जा रही एक डस्टर कार (वाहन क्रमांक CG 04 KN 4000) में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क गई। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में पूरी गाड़ी जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि कार चालक ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और गाड़ी से बाहर निकल गया, जिससे एक बड़ा जनहानि का हादसा टल गया। इंजन से धुआं उठते ही मचा हड़कंप, 46 बंडल किताबें जलीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार हाईवे पर सामान्य गति से चल रही थी।

तभी अचानक इंजन से धुआं निकलने लगा और चालक को कुछ जलने की बदबू आई। खतरा भांपते ही चालक ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी किनारे रोकी और सुरक्षित बाहर कूद गया। गाड़ी में शासकीय किताबों के कुल 52 बंडल और जरूरी सरकारी दस्तावेज रखे थे। चालक और स्थानीय लोगों की मदद से जैसे-तैसे 6 बंडल सुरक्षित बाहर निकाले जा सके, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और 46 बंडल किताबें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। 5 किलो के अग्निशामक सिलेंडर से नहीं बुझी आग घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने की भरपूर कोशिश की। वहीं सूचना मिलने पर नेशनल हाईवे (NH) के पेट्रोलिंग कर्मी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, उनके पास आग बुझाने के लिए केवल 5 किलो का एक छोटा स्प्रे (अग्निशामक सिलेंडर) था, जो इस भीषण आग को बुझाने के लिए नाकाफी साबित हुआ। घटना की जानकारी तत्काल डायल 112 और सरगांव थाना पुलिस को दी गई। पुलिस और हाईवे की टीम तो पहुंची, लेकिन दमकल (फायर ब्रिगेड) की गाड़ी मौके पर समय से नहीं पहुंच सकी।

हाईवे सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने नेशनल हाईवे-130 पर सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों और राहगीरों का आरोप है कि:
स्थानीय दमकल का अभाव: नगर पंचायत सरगांव, NHAI या सरगांव थाना क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है।
जिला मुख्यालय पर निर्भरता: आपात स्थिति में दमकल को जिला मुख्यालय मुंगेली से बुलाना पड़ता है। मुंगेली से सरगांव की दूरी अधिक होने के कारण जब तक फायर ब्रिगेड पहुंचती है, तब तक सब कुछ जलकर खाक हो जाता है।
हाईवे पर सुरक्षा का टोटा: हाईवे पर न तो कोई इमरजेंसी हेल्प नंबर का बोर्ड लगा है और ना ही पर्याप्त रिस्पांस टीमें तैनात हैं।
बड़ा सवाल: बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे एक बेहद व्यस्त मार्ग है। अगर किसी यात्री बस या बड़े वाहन में ऐसी आगजनी होती, तो फायर ब्रिगेड की अनुपस्थिति में कई जानें जा सकती थीं। कार मालिक और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए और सरगांव क्षेत्र में स्थायी रिस्पांस टीम व फायर ब्रिगेड तैनात की जाए।
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