प्रदेश में 1460 गौधामों की होगी स्थापना

0
IMG-20260805-WA0685

88 गौधामों का पंजीयन पूर्ण 42 गौधामों में लगभग 5109 पशुधन संरक्षित

रायुपर । गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश में 1460 गौधामों की होगी स्थापना संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं से प्राप्त जानकारी के अनुसार घुमन्तू एवं निराश्रित पशुधन के व्यवस्थापन हेतु शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग रायपुर को 1460 गौधाम योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की गई। प्रथम चरण में ऐसे गौठानों का चयन किया गया है जो राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप है एवं जहां समस्त आवश्यक अधोसंरचना पूर्ण हैं। गौधाम योजना के प्राप्त 408 आवेदनों में से 151 को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, जिसमें पंजीयन पूर्ण कर पशुओं के व्यवस्थापन की कार्यवाही की जा रही है।

NTPC World Environment Day

42 गौधामों में लगभग 5109 पशुधन संरक्षित गौधाम योजना अंतर्गत ऐसी शासकीय भूमि जहां अधोसंचना पूर्ण हो एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप हो, जैसे गौठान को चिन्हांकित कर स्वयं सेवी संस्था, पंजीकृत गौशाला, एन.जी.ओ. एफ.पी.ओ. ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जाना है। वर्तमान में 88 गौधामों का पंजीयन पूर्ण कर लिया गया है और 42 गौधामों में लगभग 5109 पशुधन संरक्षित है। कलेक्टर/जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा, पंचायत द्वारा प्रदायित अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं जिला स्तर पर गठित समिति के भौतिक सत्यापन पश्चात, गौधाम के आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को प्रेषित किये जाते हैं। प्राप्त आवेदन आयोग के क्रियान्वयन समिति की अनुशंसा हेतु प्रत्येक 03 माह में एक बार आयोजित बैठक में विस्तृत समीक्षा की जाती है, तत्पश्चात प्रशासकीय स्वीकृति हेतु शासन को प्रेषित की जाती है।

प्रत्येक विकास खण्ड में उत्कृष्ठ 10 गौठानों का किया जाएगा चयन प्रशासकीय स्वीकृति पश्चात आयोग के साथ अनुबंध एवं पंजीयन पश्चात जिला प्रशासन के माध्यम से गौधाम में घुमन्तू पशुओं का व्यवस्थापन किया जाता है। पशुधन विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग नियम संशोधित कर गौधाम संचालन हेतु ग्राम पंचायत को प्राथमिकता दी गई। साथ-साथ शहरी गौठान को भी योजना में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग द्वारा प्रेषित प्रस्ताव एवं शासन द्वारा स्वीकृत योजना में गौधाम निर्माण के लक्ष्य निर्धारित नहीं हैं, परन्तु अध्यक्ष गौ सेवा आयोग द्वारा परिकल्पना की गई है कि प्रत्येक विकास खण्ड में उत्कृष्ठ 10 गौठानों का चयन कर पूरे प्रदेश के 1460 गौधामों की स्थापना की जाएगीं। ग्राम पंचायत के माध्यम से गौधाम संचालन के नियम संशोधन एवं शहरी गौठानों को भी योजना में शामिल करने के पश्चात निश्चित रूप से भविष्य में गौधाम के संख्या में बढोतरी होगी। आवश्यकता अनुसार जिलों से गौधाम स्थापना हेतु आवेदन प्राप्त हो रहे है, जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!