देवास में किसानों को सोयाबीन उत्पादन और फसल सुरक्षा की वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण
बुराडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में 83 किसानों ने लिया हिस्सा, 10 किसानों को भिंडी के उन्नत बीज वितरित
इंदौर/देवास । मध्य प्रदेश कृषि रोडमैप के तहत देवास जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से सोमवार को खातेगांव तहसील के बुराडा गांव में किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ICAR-NSRI इंदौर द्वारा किया गया। इसमें किसानों को सोयाबीन की फसल उत्पादन एवं सुरक्षा तकनीकों के साथ-साथ तिलहन और बागवानी फसलों के बेहतर प्रबंधन की जानकारी दी गई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, देवास, कृषि विभाग जिला देवास, ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑयलसीड रिसर्च, हैदराबाद तथा ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर रिसर्च, बेंगलुरु के सहयोग से आयोजित किया गया।

वैज्ञानिकों ने किसानों को दी उपयोगी जानकारी
कार्यक्रम में ICAR-NSRI इंदौर से डॉ. बी.यू. दुपारे, डॉ. मृणाल कुचलान और डॉ. संजीव कुमार, ICAR-IIOR हैदराबाद से डॉ. जीडी सतीश कुमार तथा ICAR-IIHR बेंगलुरु से डॉ. मंजूनाथ गौड़ा और डॉ. अथिकुल्ला ने संबंधित विषयों पर किसानों को जानकारी दी।

वैज्ञानिकों ने सोयाबीन की फसल में बेहतर उत्पादन, फसल सुरक्षा, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी किसानों के साथ साझा की। इसके अलावा तिलहन एवं बागवानी फसलों के बेहतर प्रबंधन को लेकर भी किसानों को आवश्यक सुझाव दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को फसल उत्पादन में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग, समय पर फसल प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
किसानों ने वैज्ञानिकों से किए सवाल
कार्यक्रम के दौरान बुराडा तथा आसपास के गांवों से पहुंचे किसानों ने वैज्ञानिकों के साथ सक्रिय रूप से संवाद किया। किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और जिज्ञासाओं को वैज्ञानिकों के सामने रखा। वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों के जवाब देते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए।
इससे किसानों को खेत में आने वाली समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने और बेहतर कृषि प्रबंधन अपनाने में मदद मिली।
सोयाबीन के 60 प्रदर्शन आयोजित
ICAR-NSRI द्वारा इस खरीफ सीजन में देवास जिले में सोयाबीन फसल को लेकर लगभग 45 प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) देवास द्वारा जिले में 15 प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य किसानों तक सोयाबीन की उन्नत उत्पादन एवं फसल सुरक्षा तकनीकों को पहुंचाना और उनके व्यावहारिक उपयोग से किसानों को परिचित कराना है।
10 किसानों को भिंडी के उन्नत बीज वितरित
कार्यक्रम में रबी सीजन के दौरान बुराडा गांव में आयोजित किए जाने वाले फ्रंटलाइन प्रदर्शन के लिए चयनित 10 किसानों को भिंडी के बीज वितरित किए गए। किसानों को अर्का निकिता किस्म के बीज प्रदान किए गए हैं। यह किस्म ICAR-IIHR, बेंगलुरु द्वारा विकसित की गई है।
इस पहल का उद्देश्य किसानों को उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ना तथा बागवानी फसलों के माध्यम से आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।
विधायक ने की सहभागिता
कार्यक्रम में खातेगांव विधायक आशीष शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने किसानों के साथ संवाद किया तथा कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में बुराडा तथा आसपास के गांवों के कुल 83 किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को सोयाबीन, तिलहन और बागवानी फसलों के उत्पादन एवं प्रबंधन से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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