ICAR-NSRI इंदौर में FIELD DAY का आयोजन, कृषक–वैज्ञानिक परिचर्चा में साझा किए कृषि अनुभव

0
Screenshot_20260817_190100

इंदौर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI), इंदौर में आज FIELD DAY (कृषक–वैज्ञानिक परिचर्चा) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों, कृषि अधिकारियों और महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश के प्रगतिशील कृषकों ने सहभागिता की। परिचर्चा के दौरान किसानों ने अपने कृषि अनुभव साझा किए तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से संबंधित अपने विचार और अनुभव वैज्ञानिकों के समक्ष रखे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. इन्द्रमणि, कुलपति, वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ, परभणी, डॉ. भरत सिंह, डीन, कृषि महाविद्यालय, इंदौर तथा श्री सी.एल. केवड़ा, उप संचालक कृषि, जिला इंदौर का संस्थान के निदेशक डॉ. के.एच. सिंह द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

प्रगतिशील कृषकों ने साझा किए अनुभव

FIELD DAY के दौरान महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से पहुंचे प्रगतिशील कृषकों ने कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही विभिन्न तकनीकों और अपने व्यावहारिक अनुभवों की जानकारी साझा की। किसानों ने खेती में तकनीकी नवाचार, उत्पादन बढ़ाने के उपाय तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए अपनाए जा रहे तरीकों पर अपने विचार रखे।

NTPC World Environment Day

कृषकों और वैज्ञानिकों के बीच हुए संवाद में खेतों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, कृषि तकनीकों के उपयोग तथा अनुसंधान से प्राप्त तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

अनुसंधान प्रक्षेत्र और एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण

कार्यक्रम के दौरान किसानों एवं अतिथियों ने संस्थान के अनुसंधान प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों तथा कृषि उत्पादन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

इसके साथ ही किसानों और अतिथियों ने एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। यहां संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने तकनीकों को करीब से देखा और कृषि क्षेत्र में इनके संभावित उपयोग एवं लाभों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

किसान और वैज्ञानिकों के बीच संवाद को मिला मंच

FIELD DAY का आयोजन किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को अनुसंधान संस्थानों में विकसित नवीन तकनीकों की जानकारी मिलती है, वहीं वैज्ञानिकों को भी खेत स्तर पर किसानों के अनुभव और समस्याओं को समझने का अवसर प्राप्त होता है।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश के कृषकों की सहभागिता ने अंतरराज्यीय स्तर पर कृषि अनुभवों के आदान-प्रदान को भी मजबूत किया। किसानों ने संस्थान की अनुसंधान एवं प्रसंस्करण संबंधी गतिविधियों में रुचि दिखाई और कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!