महमंद पंचायत में सरपंच पर गंभीर आरोप, नाला पाटने और मनरेगा में गड़बड़ी का मामला गरमाया।

0
IMG-20260319-WA1058

रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

ग्रामीणों ने जांच व कार्रवाई की उठाई मांग, 4 लाख के दुरुपयोग का आरोप

बिलासपुर । जिले के लालखदान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत महमंद में सरपंच पर गंभीर आरोप लगने से मामला गरमा गया है। ग्रामीणों ने सरपंच पूजा विक्की निर्मलकर पर शासकीय नाले पर कब्जा करने और मनरेगा योजना में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल है।

शासकीय नाले को पाटने का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार खसरा नंबर 62 में लगभग 15 वर्ष पूर्व मनरेगा योजना के तहत 20 फीट चौड़ा शासकीय नाला बनाया गया था, जो सिंचाई और जल निकासी का प्रमुख साधन था। आरोप है कि वर्तमान सरपंच द्वारा इस नाले को पाटकर निजी उपयोग में लिया जा रहा है और उसी जमीन पर पक्का निर्माण भी कराया जा रहा है।

NTPC World Environment Day

मनरेगा में 4 लाख की गड़बड़ी का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस स्थान पर नाले को पाटा गया है, वहीं पुनः नाला निर्माण के नाम पर मनरेगा के तहत करीब 4 लाख रुपये की स्वीकृति ली गई है। इसे ग्रामीणों ने सरकारी राशि के दुरुपयोग और फर्जीवाड़ा बताया है।

जांच की मांग तेज

मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि एसडीएम या तहसीलदार स्तर की टीम गठित कर स्थल निरीक्षण कराया जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने और संबंधित कार्यों पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

बर्खास्तगी और एफआईआर की मांग

ग्रामीणों ने दोष सिद्ध होने पर सरपंच के खिलाफ छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत कार्रवाई करते हुए पद से हटाने और शासकीय राशि के गबन पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि आरोप सही हैं, तो यह न केवल शासकीय संसाधनों का दुरुपयोग है, बल्कि आमजन के हितों के साथ भी अन्याय है। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!