साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल के सख्त निर्देश
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
निजी स्कूलों में मान्यता प्रदर्शित करना अनिवार्य
हर शनिवार लगेगा तहसील स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर
20–30 साल की जरूरतों पर बनेगी कार्ययोजना
बिलासपुर । बिलासपुर में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दीर्घकालिक योजना और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निजी स्कूलों में मान्यता प्रमाण पत्र प्रदर्शित करने, साप्ताहिक जनसमस्या निवारण शिविर शुरू करने और जल संरक्षण सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी निजी स्कूलों को अपने परिसर में मान्यता संबंधी प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट रूप से लिखने को कहा गया कि स्कूल सीबीएसई या छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को सही जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका न रहे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर सप्ताह शनिवार को तहसील स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में वे स्वयं उपस्थित रहेंगे। यह अभियान इसी माह से प्रारंभ होकर लगभग दो माह तक संचालित किया जाएगा। अधिकारियों को इसकी समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में कलेक्टर ने इस वर्ष के बजट में प्रावधानित कार्यों के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय स्थल का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए और केवल अल्पकालिक नहीं, बल्कि आगामी 20 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी सरकारी योजना के तहत भवन या आवास निर्माण से पहले वहां तक पहुंचने के लिए सड़क सुविधा सुनिश्चित की जाए, अन्यथा निर्माण की उपयोगिता प्रभावित होती है।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने सरकारी निर्माण एजेंसियों को सूखे तालाबों से मिट्टी एवं मुरूम उठाने के निर्देश दिए, ताकि तालाबों की गहराई बढ़े और जल संचयन में मदद मिले। साथ ही उन्होंने अनियमित रूप से अन्य स्थानों से मिट्टी उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सोखता गड्ढे बनाकर जल रिचार्ज करने, कच्चे नाला बांध बनाकर वर्षा जल को रोकने के उपाय अपनाने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.


