सुशासन तिहार में प्रभारी सचिव ने मौके पर बांटी आवास की चाबियां और राशनकार्ड

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गोहड़ा शिविर में सचिव जितेन्द्र शुक्ला ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश; राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में हो निराकरण

सुशासन एक्सप्रेस से घर-घर पहुंचेंगे दस्तावेज, नक्सल मुक्त नारायणपुर अब विकास की राह पर अग्रसर

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में सुशासन की नींव मजबूत करने के लिए आयोजित सुशासन तिहार 2026 नारायणपुर जिले में उत्सव का रूप ले चुका है। जिले के ग्राम गोहड़ा में आयोजित विशाल जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों का भारी उत्साह देखने को मिला। जिले के प्रभारी सचिव श्री जितेन्द्र शुक्ला और कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन ने शिविर का निरीक्षण कर हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभान्वित किया।

फाइल से लेकर फैसले तक की प्रक्रिया तेज ​10 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। गोहड़ा शिविर में नयानार, कुढ़ारगांव, चांदागांव सहित करीब 8 गांवों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु 161 आवेदन प्रस्तुत किए। सचिव श्री शुक्ला ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों को लटकाने के बजाय निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकृत किया जाए।

विकास की मुख्यधारा में लौटता नारायणपुर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी सचिव  जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि नारायणपुर जिला अब नक्सलवाद के साये से मुक्त होकर विकास की नई इबारत लिख रहा है। अंदरूनी क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है। अब हमारा लक्ष्य सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से घर बैठे दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और वनोपज के जरिए ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए डीएफओ और जिला पंचायत सीईओ को विशेष दिशा-निर्देश दिए।

​हितग्राहियों के खिले चेहरे- मिला अधिकार और सम्मान ​शिविर के दौरान प्रभारी सचिव एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया गया। जिसमंे ​ 06 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी और 08 को नए राशनकार्ड सौंपे गए। डिजिटल किसान किताब, जाति एवं स्थायी सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इसी तरह श्रम विभाग की ओर से मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता के तहत 1 लाख रुपये और नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 20 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। शिविर में बुजुर्गों को व्हीलचेयर, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड और मत्स्य पालकों को जाल वितरित किए गए।

विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण और नवाचार ​प्रभारी सचिव ने जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए ग्राम पंचायतों में योजना रजिस्टर संधारित करने को कहा ताकि हर गांव की प्रगति का वास्तविक आंकलन हो सके। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी संपन्न कराई गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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