गंगालूर जनसमस्या निवारण शिविर में उमड़ा जनसैलाब

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सुशासन की पहुंच हुई और भी सुगम

103 हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र वितरित, बस्तर मुन्ने अभियान से घर-घर पहुंच रही सुविधाएं

रायपुर  । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 1 मई 2026 से शुरू हुआ ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। सुशासन तिहार के अंतर्गत बीजापुर जिले के गंगालूर में आयोजित विशाल जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुआ। इस शिविर में गंगालूर सहित डोडीतुमनार, गमपुर, पीड़िया, और मेटापाल जैसे दूरस्थ गांवों के हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। शिविर की सफलता शासन-प्रशासन के प्रति आम जनता के बढ़ते अटूट विश्वास का प्रमाण बनी।

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मौके पर निराकरण और त्वरित निर्देश कलेक्टर बीजापुर  विश्वदीप ने सभी विभागीय स्टॉलों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने न केवल प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की, बल्कि अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु कड़े निर्देश भी दिए। शिविर की एक बड़ी उपलब्धि ऑन-द-स्पॉट लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की सुविधा रही, जिसके लिए कलेक्टर ने विशेष पहल की।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार का मूल ध्येय केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे जागरूक बनें और विभागीय स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

“बस्तर मुन्ने” अभियान दहलीज पर प्रशासन प्रशासन की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए बताया गया कि “बस्तर मुन्ने” (अग्रणी बस्तर) अभियान के माध्यम से अब राशन कार्ड, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज बनाने के लिए ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ेगा; प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर इन्हें तैयार कर रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और पीएम किसान जैसी योजनाओं की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। जिन ग्रामीणों के बैंक खाते नहीं खुले हैं, उनके खाते खुलवाने हेतु शिविर में विशेष काउंटर लगाए गए। पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने ग्रामीणों से अपील की कि वे मुख्यधारा की योजनाओं से जुड़ें और क्षेत्र के विकास में प्रशासन का सक्रिय सहयोग करें। शिविर में बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। वनाधिकार पत्र 103 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र प्रदान किए गए। नक्सल प्रभावित दो परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए घर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। 28 श्रम कार्ड, नए राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और मृदा परीक्षण कार्ड वितरित किए गए। मत्स्य विभाग द्वारा मछुआरों को जाल और आईस बॉक्स जैसी उपयोगी सामग्री भेंट की गई। शिविर में जिला पंचायत सदस्य मैथियस कुजूर, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

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