दुर्ग में दिल दहला देने वाली वारदात: आर्य नगर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत से सनसनी, फंदे पर मिले पति-पत्नी; बिस्तर पर पड़े थे मासूम बच्चों के शव

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थाना मोहन नगर क्षेत्र की घटना; एसएसपी विजय अग्रवाल सहित फॉरेंसिक टीम ने किया मुआयना, मौके से मिला सुसाइड नोट, पारिवारिक विवाद की आशंका

दुर्ग। जिला मुख्यालय के थाना मोहन नगर अंतर्गत आने वाले आर्य नगर इलाके में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई, जब एक ही घर के भीतर परिवार के चार सदस्यों की लाशें बरामद हुईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस की आला टीमें मौके पर पहुंचीं। सामूहिक मौत के इस दिल दहला देने वाले मामले की जांच पुलिस ने बेहद बारीकी से शुरू कर दी है।

फंदे पर झूलते मिले माता-पिता, कमरे में मृत मिले मासूम

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में परिवार के मुखिया गोविंद साहू (45 वर्ष) और उनकी पत्नी चंचल साहू (40 वर्ष) शामिल हैं, जिनकी लाशें घर के भीतर फांसी के फंदे पर लटकी हुई पाई गईं। वहीं, उनके दो मासूम बच्चे—पुत्री दृष्णा साहू (13 वर्ष) और पुत्र यशांत साहू (11 वर्ष) दूसरे कमरे में बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े मिले। एक हंसते-खेलते परिवार के इस तरह खत्म हो जाने से मोहल्ले के लोग भी स्तब्ध और सहमे हुए हैं।

एसएसपी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने संभाला मोर्चा

घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल समेत पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से मौके का निरीक्षण किया।

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साक्ष्य संकलन जारी: मामले में हत्या या सामूहिक आत्महत्या के कोण को स्पष्ट करने और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी तत्काल मौके पर बुलाया गया। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और फॉरेंसिक विंग ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य और सबूत एकत्र किए हैं।

पारिवारिक कलह का सुसाइड नोट बरामद

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, इस नोट में गहरे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव का उल्लेख होने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन अभी इस पत्र को लेकर बेहद सतर्क है। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स के जरिए सुसाइड नोट की सत्यता, उसकी लिखावट और उसमें लिखी बातों की कड़ाई से जांच की जा रही है कि कहीं यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा असली राज

फिलहाल मोहन नगर थाना पुलिस ने इस दर्दनाक मामले में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चारों मौतों के वास्तविक कारणों (गला घोंटा गया या जहर दिया गया) का सटीक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर मामले की तह तक जाने में जुटी है।

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