प्रधानमंत्री आवास योजना में 6.70 लाख का घोटाला, फरार आरोपी गिरफ्तार

0
IMG-20260527-WA0071

रिपोर्टर ✒️ सुचित कुमार मरावी

आवास मित्र राजेश सोनवानी को पुलिस ने दबोचा, लंबे समय से चल रहा था फरार

करगीरोड कोटा । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में फर्जीवाड़ा और शासकीय राशि में अनियमितता के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चौकी जूनापारा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बांधा में हुए इस बहुचर्चित घोटाले में पात्र हितग्राहियों की जगह अपात्र लोगों को लाभ दिलाकर लाखों रुपये की राशि का बंदरबांट किए जाने का आरोप है।

मामले में आरोपी आवास मित्र राजेश कुमार सोनवानी लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक स्तर से लगातार निगरानी और दबाव के बाद जूनापारा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

पात्र हितग्राहियों की जगह अपात्रों को बनाया लाभार्थी

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बांधा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई थी। आरोप है कि आवास मित्र राजेश कुमार सोनवानी, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं अस्थायी रोजगार सहायक रितेश श्रीवास तथा पंचायत सचिव दिलीप पात्रो ने मिलकर अपात्र लोगों को पात्र दिखाते हुए उनके नाम से राशि स्वीकृत कराई।

आरोपियों द्वारा कथित रूप से आधार नंबर, बैंक खाता नंबर और पंचायत प्रस्ताव का उपयोग कर कुल 6 लाख 70 हजार रुपये के भुगतान में फर्जीवाड़ा किया गया। मामले का खुलासा समाचार प्रकाशित होने के बाद हुआ, जिसके पश्चात जिला पंचायत बिलासपुर एवं जनपद पंचायत तखतपुर द्वारा जांच टीम गठित कर जांच कराई गई।

जांच में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

जांच के बाद जनपद पंचायत तखतपुर के विकास विस्तार अधिकारी सुनील कुमार तिवारी ने चौकी जूनापारा में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

बताया गया कि हितग्राही राजेश कुमार पिता कन्हैया के स्थान पर स्वयं आवास मित्र राजेश सोनवानी ही हितग्राही बन गया था। इसी प्रकार सरस्वती मरावी की जगह सरस्वती बर्मन, मृतक रामपाल पोर्ते की जगह केहर सिंह श्रीवास, लेनीबाई की जगह रागनी सोनवानी, सोना देवी अग्रवाल की जगह सरोजनी बंजारे तथा मृतक गंगोत्री यादव के स्थान पर गंगोत्री पात्रो को हितग्राही बनाकर शासकीय राशि का लाभ दिलाया गया।

मामले में दस्तावेजों और अभिलेखों में भी कथित रूप से व्यापक हेरफेर और धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई है।

दो आरोपियों को मिली अग्रिम जमानत

प्रकरण में पंचायत सचिव दिलीप पात्रो एवं रोजगार सहायक रितेश श्रीवास को माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली थी। जानकारी के अनुसार न्यायालय ने दोनों को विवेचना में सहयोग करने की शर्त पर राहत प्रदान की थी।

वहीं मुख्य आरोपी आवास मित्र राजेश कुमार सोनवानी की अग्रिम जमानत खारिज हो गई थी, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

पुलिस टीम ने घेराबंदी कर किया गिरफ्तार

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कोटा नूपुर उपाध्याय के निर्देशन में चौकी प्रभारी संजीव ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्राम बांधा में दबिश देकर आरोपी राजेश कुमार सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

योजना में गड़बड़ी से ग्रामीणों में नाराजगी

प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना में कथित भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया, जबकि अपात्र लोगों के नाम पर राशि निकाल ली गई। अब मामले में आगे की जांच और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!