श्रीमद् भागवत महापुराण के चौथे दिवस बघेल रेजिडेंसी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
कृष्ण जन्मोत्सव पर्व का रहा भारी उल्लास,
चलो देख आएं नंद घर लाला हुआ , झूमा पूरा पंडाल
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक — मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र तपोभूमि इन दिनों भक्ति , श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर है । संपूर्ण नर्मदा क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान , कथा एवं पूजन कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर जारी है जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ है ।
अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 2 बराती स्थित बघेल रेजिडेंसी में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के चौथे दिवस भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया जा रहा है । कथा पंडाल में भगवान श्री कृष्ण का जन्म होता है तब सभी ने कहा “हैप्पी बर्थडे टू यू” एवं “बधाइयां बजे आंगने में” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। “नंद के आनंद भयो , जय कन्हैया लाल की” हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा । इस अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच चॉकलेट एवं प्रसाद का वितरण भी किया गया ।
आज कथा श्रवण हेतु नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे । कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को अत्यंत भव्य एवं श्रद्धामय बना दिया ।
कथा का वाचन मुरैना निवासी पंडित लवकुश महाराज के श्रीमुख से किया जा रहा है । श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा एवं भावपूर्ण वातावरण में कथा का रसपान कर रहे हैं । यह सात दिवसीय आयोजन अधिमास ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अष्टमी , रविवार 24 मई 2026 से प्रारंभ होकर पूर्णिमा 30 मई 2026 तक अनवरत संचालित होगा ।
मुरैना एवं आसपास क्षेत्रों से पधारे परिवारजन कथा स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित होकर श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर रहे हैं । महिलाएं जहां पारंपरिक परिधानों में भक्ति भाव से कथा सुन रही हैं , वहीं पुरुष भी सुसज्जित पगड़ी धारण कर श्रद्धा एवं पवित्रता के साथ आयोजन में सहभागी बन रहे हैं । कथा उपरांत भजन-कीर्तन एवं धार्मिक आयोजनों में भी महिलाओं की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है । संपूर्ण आयोजन भक्ति एवं सनातन संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत कर रहा है ।
कथा व्यासपीठ से पंडित लवकुश महाराज ने गुरु महिमा , देवर्षि नारद की भक्ति तथा प्रभु के अनेक अवतारों का भावपूर्ण वर्णन किया । उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं कृष्ण जन्म प्रसंग तक की कथा का अत्यंत मार्मिक प्रस्तुतीकरण करते हुए धर्म , भक्ति , सत्संग , प्रेम , करुणा एवं सनातन जीवन मूल्यों का महत्व श्रद्धालुओं को बताया ।
अमरकंटक में अधिमास के पावन अवसर पर विभिन्न स्थलों पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा , नर्मदा पुराण एवं रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक आयोजनों की दिव्य धारा से संपूर्ण नर्मदा उद्गम क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है । कथा पंडाल में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति धर्म एवं संस्कृति के प्रति लोगों की गहरी आस्था को प्रकट कर रही है ।
बघेल रेजिडेंसी बराती कथा स्थल पर प्रतिदिन पूजा-अर्चना , दीप प्रज्ज्वलन , भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का क्रम निरंतर जारी है । महिलाओं , युवाओं एवं बुजुर्गों की सक्रिय सहभागिता आयोजन को और अधिक भव्य एवं श्रद्धामय बना रही है ।
यह धार्मिक आयोजन सेवाभावी गब्बर सिंह द्वारा अपने पूज्य पिता श्री कंचन सिंह एवं माता श्रीमती बदामी देवी सिंह के सान्निध्य में परिजनों एवं स्वजनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है । आयोजन में श्रीमती शीला सिंह , केशव सिंह , महेश सिंह , दिनेश सिंह एवं अवधेश सिंह (बंटी) सहित परिवारजन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं ।
कथा श्रवण हेतु मुरैना एवं आसपास क्षेत्रों से लगभग दो सौ से अधिक श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा उद्गम स्थल के दर्शन एवं श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं ।

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