नवाचार से समृद्धि की ओर बढ़ रहे कृषक गोपाल पटेल
नैनो उर्वरकों के उपयोग से कम लागत में मिला बेहतर उत्पादन
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उन्नत कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के फलस्वरूप जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर हाई-टेक और टिकाऊ कृषि की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के ग्राम डुमरडीह निवासी प्रगतिशील किसान गोपाल पटेल की यह सफलता आज जिले के अन्य अन्नदाताओं के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है। श्री पटेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाते हुए अपने खेतों में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का प्रयोग किया, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों बढ़ी थी खेती की लागत किसान गोपाल पटेल बताते हैं कि पहले वे पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ रही थी। इस बीच, राज्य सरकार के कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन से प्रेरित होकर उन्होंने नैनो उर्वरकों को अपनाया, जिससे पौधों में बेहतर बढ़वार हुई और फसल को संतुलित पोषक तत्व मिले।
नैनो उर्वरकों लागत में आई कमी, फसल की गुणवत्ता और पैदावार बढ़े नैनो उर्वरकों की कम मात्रा लगने के कारण न केवल उनकी लागत में भारी कमी आई, बल्कि फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ, जिससे उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। श्री गोपाल पटेल अब इसे आधुनिक खेती की दिशा में सरकार का एक क्रांतिकारी कदम मानते हैं और उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग के सुझावों के अनुसार इसे अपनाने की अपील की है। शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले भर में संतुलित पोषण, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर समृद्ध हो सके।

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