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वृद्धजनों का सम्मान और स्वास्थ्य संरक्षण सभ्य समाज की पहचान : डॉ. मनीष बंजारा

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सियान सदन में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, 51 वरिष्ठ नागरिकों का हुआ परीक्षण

12 में मोतियाबिंद, 9 में उच्च रक्तचाप और 8 में मधुमेह के लक्षण मिले

मुंगेली। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत सियान सदन में वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य वृद्धजनों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कर उन्हें स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। शिविर में 51 वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनर संघ के सदस्यों, वृद्धाश्रम के रहवासियों तथा आम नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिकित्सा अधिकारी Manish Banjara ने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान और स्वास्थ्य संरक्षण किसी भी सभ्य समाज की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर जांच कराकर उचित उपचार प्राप्त करें।

डॉ. बंजारा ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। नियमित हल्का व्यायाम, योग, ध्यान, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद और नशामुक्त जीवनशैली अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और सक्रिय जीवनशैली न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है बल्कि मानसिक प्रसन्नता और आत्मविश्वास भी बढ़ाती है।

51 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रक्तचाप, रक्त शर्करा (शुगर), वजन तथा नेत्र परीक्षण सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांचें कीं। जांच के दौरान 9 लोगों में उच्च रक्तचाप तथा 8 लोगों में मधुमेह के लक्षण पाए गए। वहीं नेत्र परीक्षण में 12 वरिष्ठ नागरिकों में मोतियाबिंद की पहचान हुई। सभी मरीजों को आगे के उपचार और आवश्यक परामर्श के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, नियमित जांच और उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। वरिष्ठ नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते जानकारी और उचित मार्गदर्शन मिलता है।

मुंगेली की चिकित्सा परंपरा का किया उल्लेख

अपने संबोधन में डॉ. मनीष बंजारा ने मुंगेली की गौरवशाली चिकित्सा परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यहां के चिकित्सकों ने वर्षों तक समर्पित सेवा देकर जिले को चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता Dev Anand भी उपचार के लिए मुंगेली पहुंचे थे।

उन्होंने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. रेम्बो, शल्य चिकित्सा में डॉ. पी.डी. सुखनंदन, डॉ. जुला राम स्वर्णकार, डॉ. बालानी तथा डॉ. राज सुखनंदन सहित अनेक चिकित्सकों के योगदान को याद किया। डॉ. राज सुखनंदन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर तब पहचान मिली जब वे पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के निधन के समय एम्स दिल्ली की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम का हिस्सा रहे।

डॉ. बंजारा ने कहा कि वे इन वरिष्ठ चिकित्सकों से प्रेरणा लेकर समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने पर मुंगेली स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर

कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Sheela Saha तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक Girish Kurre के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर के सफल संचालन में वेनूका साहू, हिमानी राजपूत, जीतू साहू, सुनील साहू, सुनील राजपूत, तारकेश्वर बंजारा और हेमसा मरावी की विशेष भूमिका रही।

शिविर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य जांच, परामर्श और जागरूकता का लाभ मिला। स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वृद्धजनों का स्वास्थ्य संरक्षण समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।

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