10 माह से कमीशन बंद, भूखमरी की कगार पर पीडीएस संचालक, करोड़ों का भुगतान अटका

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रिपोर्टर ✒️ दीपक साहू

पथरिया । विकासखंड पथरिया के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों के संचालक पिछले 10 माह से कमीशन की राशि नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने से राशन विक्रेताओं में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक विक्रेता कल्याण संघ, पथरिया इकाई ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है।

संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि सितंबर 2025 से अब तक कमीशन का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा वर्ष 2025-26 का बारदाना भुगतान तथा वर्ष 2023 से वित्तीय पोषण की राशि भी आज तक लंबित है। विक्रेताओं का कहना है कि उनकी आय का प्रमुख स्रोत यही कमीशन है। लगातार भुगतान नहीं होने से कई संचालकों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।

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106 दुकानों का करोड़ों रुपये बकाया –
विकासखंड पथरिया में 106 सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को चावल, शक्कर सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री वितरित की जाती है। इसके बदले शासन द्वारा विक्रेताओं को प्रति क्विंटल 53 पैसे का कमीशन दिया जाता है। यही राशि उनकी आजीविका का मुख्य आधार है, लेकिन पिछले 10 माह से भुगतान बंद होने से संचालकों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

बारदाना और वित्तीय पोषण की राशि भी लंबित –
विक्रेताओं ने बताया कि वर्ष 2025-26 के बारदाना का भुगतान, जो 24.50 रुपये प्रति बारदाना के हिसाब से दिया जाना है, वह भी अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं 150 क्विंटल से कम आबंटन वाली दुकानों को मिलने वाली वित्तीय पोषण राशि भी वर्ष 2023 से लंबित है। पथरिया विकासखंड में ऐसी करीब 40 दुकानें हैं, जिनके संचालकों को इस राशि का इंतजार है।

एक ही विकासखंड में एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अटका –

संघ के अनुसार, कमीशन और बारदाना की राशि मिलाकर प्रत्येक दुकान का लगभग एक लाख रुपये के आसपास भुगतान बकाया है। वित्तीय पोषण की राशि जोड़ने पर यह आंकड़ा और अधिक बढ़ जाता है। केवल पथरिया विकासखंड की 106 दुकानों का कुल बकाया भुगतान एक करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। इतने लंबे समय तक भुगतान नहीं होने से कई विक्रेता आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और उनका कहना है कि अब स्थिति भूखमरी की कगार तक पहुंच गई है।

संघ ने प्रशासन से मांग की है कि सभी लंबित भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं, ताकि उचित मूल्य दुकान संचालकों को राहत मिल सके और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का संचालन सुचारु रूप से चलता रहे।

रेखा चंद्रा (एसडीएम पथरिया) –
पीडीएस संचालको द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ हैँ। अग्रिम कार्यवाही के लिए जिला खाद्य शाखा को पत्र प्रेषित किया गया हैँ।

राजेंद्र शुक्ला (कांग्रेस नेता) –
विक्रेताओं का कमीशन रोकना प्रदेश सरकार की विफलता का एक और प्रमाण हैँ। शासन की गलत नीतिओं की वजह से सैकड़ो विक्रेताओं के जीवकोपार्जन मे संकट होना दुर्भाग्यजनक हैँ। शासन से मांग करते हैँ कि जल्द से जल्द राशि जारी करें और विक्रेताओं को राहत दें।

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