आरटीई की रिक्त सीटों का प्रकटीकरण 21 जुलाई 2026 तक

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निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए तीसरा व अंतिम चरण 22 जुलाई से, 27 अगस्त तक पूरी होगी प्रक्रिया

रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में कक्षा पहली की रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु तृतीय एवं अंतिम चरण की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

विद्यालयवार आरटीई की रिक्त सीटों का प्रकटीकरण शासन ने स्पष्ट किया है कि आरटीई प्रवेश की संपूर्ण प्रक्रिया 27 अगस्त 2026 तक हर स्थिति में पूर्ण की जानी अनिवार्य है तथा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। महत्वपूर्ण तिथियां और समय-सारणी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्धारित समय-सारणी इस प्रकार है। 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक जिला स्तर पर विद्यालयवार आरटीई की रिक्त सीटों का प्रकटीकरण और प्रचार-प्रसार कर सकेंगे। 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक पात्र पालक आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और आवश्यक संशोधन कर सकेंगे।

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27 अगस्त 2026 तक नोडल प्राचार्यों द्वारा प्रवेशित बच्चों की अंतिम प्रविष्टि आरटीई पोर्टल पर दर्ज करना 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक नोडल प्राचार्यों द्वारा आवेदनों का सूक्ष्म परीक्षण, सत्यापन और पात्र/अपात्र की प्रविष्टि दर्ज करना। 10 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन लॉटरी काउंसलिंग के माध्यम से चयनित बच्चों की सूची जारी होना। 17 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक लॉटरी में चयनित बच्चों का संबंधित निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराना। 20 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक नोडल प्राचार्यों द्वारा प्रवेशित बच्चों की अंतिम प्रविष्टि आरटीई पोर्टल पर दर्ज करना।

केवल नए व अप्रवेशित बच्चों को मिलेगा मौका लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि इस अंतिम चरण में केवल वे ही पात्र बच्चे आवेदन कर सकेंगे, जिन्हें पूर्व के किसी भी चरण में प्रवेश प्राप्त नहीं हुआ है। प्रथम चरण में लागू सभी नियम एवं पात्रता की शर्तें इस चरण में भी यथावत प्रभावी रहेंगी।

मुनादी और स्थानीय माध्यमों से होगा प्रचार जिला शिक्षा अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि निजी विद्यालयों के आसपास निवासरत पालकों तक इस अंतिम चरण की जानकारी पहुंचाने के लिए मुनादी, समाचार पत्रों एवं अन्य स्थानीय माध्यमों का उपयोग करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा इस कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। स्कूल शिक्षा संचालनालय ने सभी अधिकारियों और निजी स्कूलों को इस समय-सारणी का कड़ाई से पालन करने तथा प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।

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