चार महीनों में 130 सफल ऑपरेशन, सुकमा जिला अस्पताल बना नई उम्मीद का केंद्र
जहाँ इलाज के लिए जाना पड़ता था बाहर, अब जिले में ही मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
रायपुर । सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनहितैषी सोच, वन एवं प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर अमित कुमार के प्रयासों से जिला अस्पताल सुकमा में तीन वर्षों से बंद पड़ा ऑर्थो (हड्डी रोग) ऑपरेशन थिएटर मार्च 2026 से दोबारा शुरू किया गया। इसके बाद से जिले के मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिलने लगा है। पहले जिन मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, वे अब जिला अस्पताल में ही आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
ऑर्थो विशेषज्ञ की नियुक्ति से मजबूत हुई स्वास्थ्य सेवाएँ
जनवरी 2026 में एमएस ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. संदीप वर्मा की पदस्थापना के बाद जिला अस्पताल में हड्डी रोग उपचार की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं तथा विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता के कारण पिछले चार महीनों में अस्पताल में 130 सफल ऑपरेशन किए गए हैं। इससे जिले के सैकड़ों मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है तथा अस्पताल के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ा है।

सोनमती और अनुराग की मुस्कान बनी बदलाव की पहचान
स्वास्थ्य सेवाओं में आए इस सकारात्मक परिवर्तन की सबसे बड़ी मिसाल ग्राम कुकानार की 13 वर्षीय छात्रा कु. सोनमती है। पेड़ से गिरने के कारण उसकी दोनों जांघों की हड्डियाँ टूट गई थीं और उसकी स्थिति गंभीर हो गई थी। जिला अस्पताल में समय पर उपचार, ब्लड बैंक से तत्काल रक्त उपलब्ध होने तथा सफल ऑपरेशन के बाद अब वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।

इसी प्रकार मोटरसाइकिल दुर्घटना में घायल कुम्हाररास निवासी चार वर्षीय अनुराग माड़वी का भी जिला अस्पताल में सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद वह भी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। इन दोनों बच्चों की स्वस्थ होती मुस्कान अस्पताल की बेहतर होती स्वास्थ्य सेवाओं की जीवंत मिसाल बन गई है।
अब इलाज के लिए नहीं जाना पड़ता दूसरे शहर
पहले सुकमा जिले के मरीजों को हड्डी रोग के उपचार के लिए जगदलपुर, रायपुर अथवा पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी जाना पड़ता था। इससे गरीब और ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था तथा इलाज में भी काफी देरी होती थी।
अब जिला अस्पताल सुकमा में ही निःशुल्क ऑपरेशन, आवश्यक दवाइयाँ, भर्ती की सुविधा तथा मरीजों के लिए भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे मरीजों का समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा उन्हें अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं।
ओडिशा से भी इलाज के लिए पहुँच रहे मरीज
सुकमा जिला अस्पताल की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की पहचान अब जिले की सीमाओं से बाहर भी बनने लगी है। पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी क्षेत्र से भी हड्डी रोग के मरीज उपचार के लिए सुकमा जिला अस्पताल पहुँच रहे हैं। यह अस्पताल की बढ़ती विश्वसनीयता, विशेषज्ञ सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण उपचार का प्रमाण माना जा रहा है।
अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने का संकल्प
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, आधुनिक संसाधनों और बेहतर चिकित्सा प्रबंधन के कारण जिला अस्पताल की सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सोनमती और अनुराग जैसे बच्चों की मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि यदि समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों तो लोगों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
आज सुकमा जिला अस्पताल न केवल जिले के लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी नई उम्मीद और भरोसे का केंद्र बनकर उभर रहा है। अस्पताल में लगातार बेहतर होती सुविधाएँ यह दर्शाती हैं कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में भी प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित कर लोगों को उनके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

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