जल-जीवन मिशन के तहत आयोजित हुई कलेक्टर कॉन्फ्रेंस
हर-घर जल के लिए कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लें : मुख्य सचिव
पूर्ण योजनाओं का कराएं भौतिक सत्यापन
रायपुर । मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में जल-जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों से उनके जिले में जल-जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे जल-जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि लोगों के घरों में नलों के माध्यम से नियमित रूप से पानी उपलब्ध हो, इसके लिए योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया जाए और पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी योजनाओं से संबंधित लंबित भुगतानों की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पूर्ण योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश
कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उनका केवल दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन न किया जाए, बल्कि मैदानी स्तर पर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि योजना पूर्ण होने के बाद यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित गांवों और परिवारों को वास्तव में नल के माध्यम से जल उपलब्ध हो रहा है। योजनाओं के संचालन में यदि किसी प्रकार की तकनीकी या स्थानीय समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाए।
सोलर आधारित योजनाओं और क्रेडा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा
कॉन्फ्रेंस में सोलर आधारित योजनाओं एवं क्रेडा से संबंधित नल-जल योजनाओं के कार्यों के संबंध में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों से इन योजनाओं की प्रगति, संचालन और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की कार्रवाई शीघ्रता से करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं को समय पर पूर्ण कराने के साथ ही संबंधित भुगतान प्रक्रिया भी निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जानी चाहिए, ताकि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने स्रोत समस्यामूलक योजनाओं के कार्यों को स्थानीय निधि से पूर्ण कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी कलेक्टरों को दिए। ऐसी योजनाओं में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने पर जोर दिया गया।
इंजीनियरों की कमी दूसरे विभागों से पूरी करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में जल जीवन मिशन के कार्यों की निगरानी और तकनीकी आवश्यकताओं के लिए सब इंजीनियरों की कमी है, वहां दूसरे विभागों के इंजीनियरों की सेवाएं लेने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी के कारण जल जीवन मिशन के कार्यों की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उपलब्ध तकनीकी मानवबल का बेहतर समन्वय करते हुए योजनाओं की निगरानी और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा किया जाए।
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित बैठक जरूरी
कॉन्फ्रेंस में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित किए जाने को लेकर भी निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक जिले में समिति की बैठक नियमित रूप से हो और बैठक में जल जीवन मिशन से संबंधित योजनाओं की प्रगति, समस्याओं और उनके समाधान की समीक्षा की जाए।
उन्होंने प्रत्येक बैठक की कार्यवाही समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। साथ ही जल जीवन मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध रूप से नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। इसके लिए योजनाओं के निर्माण से लेकर उनके संचालन और रखरखाव तक पूरी व्यवस्था पर सतत निगरानी जरूरी है।
55 एलपीसीडी से कम जल प्रदाय वाली योजनाओं की जानकारी ली
बैठक के दौरान 55 एलपीसीडी से कम जल प्रदाय तथा सात दिवसों से कम जल प्रदाय की जा रही योजनाओं की जानकारी अधिकारियों से ली गई। ऐसी योजनाओं की स्थिति, जल स्रोत और जल आपूर्ति में आ रही समस्याओं की समीक्षा की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के संबंध में निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में निर्धारित मात्रा और नियमितता के अनुरूप जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, वहां समस्या का कारण चिन्हित कर तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की निरंतरता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

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