छत्तीसगढ़ में धान घोटाले का आरोप
धान संग्रहण केंद्रों से करोड़ों का धान गायब, शिवसेना ने सरकार पर साधा निशाना
रिपोर्टर ✒️ कमलेश सिंह
रायपुर । छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और संग्रहण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने प्रदेश के कई जिलों में धान संग्रहण केंद्रों से करोड़ों रुपये के धान के गायब होने का आरोप लगाते हुए इसे बड़े स्तर का भ्रष्टाचार करार दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और सत्ता पक्ष की मिलीभगत से यह पूरा घोटाला अंजाम दिया गया है।
चंद्रमौली मिश्रा ने बताया कि कवर्धा, महासमुंद, बेमेतरा सहित प्रदेश के अनेक जिलों के धान संग्रहण केंद्रों में भारी मात्रा में धान गायब पाया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित चोरी का मामला है। सबसे चौंकाने वाला बयान कवर्धा जिले से सामने आया है, जहां संबंधित अधिकारियों द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि करोड़ों रुपये का धान चूहे खा गए। शिवसेना ने इस दलील को पूरी तरह से हास्यास्पद और तर्कहीन बताया है।
शिवसेना प्रदेश महासचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर साल धान खरीदी, उसके संग्रहण, परिवहन, सुरक्षा और रखरखाव पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करती है। इसके बावजूद यदि अरबों रुपये का धान चोरी हो जाता है, तो यह सरकार और उसके पूरे सिस्टम की गंभीर लापरवाही और नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब धान की सुरक्षा के लिए इतने बड़े बजट का प्रावधान है, तब इतनी बड़ी मात्रा में धान आखिर गायब कैसे हो गया।
चंद्रमौली मिश्रा ने कहा कि यह मामला केवल कुछ अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है, जिसमें संग्रहण केंद्रों के जिम्मेदार अधिकारी, परिवहन से जुड़े लोग और अन्य प्रभावशाली तत्व शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की चुप्पी यह संकेत देती है कि कहीं न कहीं इस पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
शिवसेना ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच कराई जाए और जनता के सामने सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही धान चोरी से जुड़े पूरे सिस्टम और सिंडिकेट में शामिल सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के घोटालों पर रोक लग सके।
शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाती है, तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी और किसानों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी।

The News Related To The News Engaged In The www.apnachhattisgarh.com Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.




