अमृत मिशन 2.0 में भ्रष्टाचार की ‘नहर’: केवटाडीह टांगर में बन रही पानी टंकी में भारी अनियमितता, ठेकेदार की कार्यशैली पर उठे सवाल

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रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय

बिलासपुर । केवटाडीह शासन की महत्वाकांक्षी ‘अमृत मिशन 2.0 योजना’ जिसके तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है, वह अब धरातल पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ताजा मामला ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर से मल्हार नगर पंचायत तक पानी सप्लाई के लिए लीलागर नदी में बन रही पानी टंकी का है, जहाँ निर्माण कार्य में भारी अनियमितता की पोल खुलकर सामने आई है।
घटिया निर्माण और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे बरसात के दिनों में लीलागर नदी में बहुत बड़ा बाढ़ आने के समय में पानी टंकी को छती पहुंचाया जा सकता है कार्य को लेकर अब स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं ठेकेदार की कार्यशैली पर भी बड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गुणवत्ता से खिलवाड़: नियमों को ताक पर रखकर हो रहा निर्माण
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पानी टंकी के निर्माण में तय मानकों और टेक्निकल गाइडलाइंस का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता इतनी खराब है कि टंकी के भविष्य और आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिना किसी डर के, खुलेआम लीपापोती की जा रही है और सुपरविजन करने वाला कोई नहीं है।
“शासन की इतनी बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त से बाहर है। पैसों की बंदरबांट के चक्कर में लोगों की जिंदगी और सरकारी खजाने, दोनों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।”
— स्थानीय ग्रामीण
ठेकेदार की मनमानी और कार्यशैली पर उठे सवाल
इस पूरे प्रोजेक्ट में संबंधित ठेकेदार की कार्यशैली सबसे ज्यादा संदेहास्पद रही है

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