“तथ्यों के आधार पर कार्रवाई, राजनीति नहीं: अरुण साव पर लगे आरोप निराधार”मुंगेली में भाजपा का पलटवार, नोटिस को बताया नियमसम्मत प्रक्रिया

0
IMG_20260422_164655

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; hdrForward: 0; highlight: false; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 32768;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;HdrStatus: auto;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 45;

मुंगेली। नगर पालिका परिषद मुंगेली में जारी सियासी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला को जारी नोटिस और उनके द्वारा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव पर लगाए गए राजनीतिक द्वेष के आरोपों को भारतीय जनता पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा जिला संगठन ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और इसे राजनीतिक रंग देना जनता को गुमराह करने की कोशिश है।

पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केसरवानी सहित वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि नगर पालिका में पीआईसी (प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल) गठन का अधिकार अध्यक्ष को जरूर है, लेकिन इसमें नियमों और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होता है। आरोप लगाया गया कि पीआईसी गठन में अनियमितताएं बरती गईं और बिना सहमति के सदस्यों की नियुक्ति की गई, जिसके चलते कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। इसी पूरे मामले की जानकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा शासन को भेजी गई, जिसके आधार पर अध्यक्ष को नोटिस जारी किया गया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि अध्यक्ष रोहित शुक्ला अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए प्रदेश सरकार और उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की नीति “सबका साथ, सबका विकास” पर आधारित है और किसी भी प्रकार की दुर्भावना से कार्रवाई नहीं की जाती। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होना स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसे राजनीतिक प्रतिशोध बताना पूरी तरह भ्रामक है।

नगर पालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में मुंगेली नगर के विकास के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके बावजूद नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब जब नियमों के उल्लंघन के कारण नोटिस जारी हुआ है, तो उसका ठीकरा भी सरकार और मंत्री पर फोड़ा जा रहा है, जो अनुचित है।

भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केसरवानी ने भी अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में नगर विकास के कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पाए और वे अधिकतर समय राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त रहे। उन्होंने कहा कि शासन की कार्रवाई को दुर्भावना बताना उनकी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास है।

वहीं दूसरी ओर, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए प्रदेश सरकार पर “ओछी राजनीति” करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर नियमों के जाल में फंसाकर पद से हटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में नियमित रूप से पीआईसी बैठकों का आयोजन हुआ और नगर विकास के लिए कई योजनाओं को स्वीकृति मिली।

शुक्ला ने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा जारी नोटिस का जवाब समय पर दे दिया गया है और वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि वे इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जनता की सेवा उनके लिए सर्वोपरि है।

इस पूरे मामले में एक ओर जहां भाजपा इसे नियमों के तहत की गई वैधानिक कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन स्तर पर इस मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel

Latest News

error: Content is protected !!