छत्तीसगढ़ में ईडी की बड़ी कार्रवाई: भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में 8 ठिकानों पर छापे, लाखों नकदी और चांदी जब्त

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रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल कार्यालय ने 28 अप्रैल 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई, जिसमें अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरूद क्षेत्र के कुल 8 परिसरों को खंगाला गया।

यह छापेमारी रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे परियोजना (भारतमाला योजना) के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजे की कथित अनियमितताओं से जुड़ी हुई है। जांच के दौरान ईडी ने लगभग 66.9 लाख रुपये की नकदी, 37.13 किलोग्राम चांदी (चांदी की ईंटें और अन्य सामान), डिजिटल उपकरण और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं, जिन्हें मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

ईडी ने यह जांच ACB/EOW रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की है। इस एफआईआर में अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू समेत अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय दंड संहिता 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रचते हुए भूमि अभिलेखों में हेरफेर किया और गलत तरीके से अधिक मुआवजा प्राप्त किया। विशेष रूप से, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3A के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद भी जमीन के स्वामित्व में बदलाव दिखाया गया। इसके अलावा, अधिसूचना से पहले जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर मुआवजा राशि बढ़ाने की साजिश रची गई।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि संशोधित और हेरफेर किए गए खसरा रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा स्वीकृत और वितरित किया गया, जिससे वास्तविक से कहीं अधिक भुगतान किया गया। इस पूरी प्रक्रिया से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों को अवैध आर्थिक लाभ मिला।

आगे की कार्रवाई जारी
ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और जब्त किए गए दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ में भूमि अधिग्रहण से जुड़े घोटालों पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और मुआवजा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

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