गुजरात ATS और कोस्ट गार्ड का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान के रास्ते आ रही 1,150 करोड़ रुपए की कोकीन जब्त
गांधीनगर । गुजरात में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने एक संयुक्त कूटनीतिक ऑपरेशन चलाकर कच्छ क्षेत्र के समुद्री मार्ग से करीब 115 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त की गई कोकीन की अनुमानित कीमत करीब 1,150 करोड़ रुपए बताई जा रही है। हाल के वर्षों में देश के भीतर नशीले पदार्थों की यह सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खेप पकड़ी गई है, जिसने सुरक्षा महकमे में हलचल तेज कर दी है।
दक्षिण अमेरिका से वाया पाकिस्तान भारत भेजी जा रही थी मौत की खेप
सुरक्षा एजेंसियों को कच्छ के समुद्री इलाके में ड्रग्स की एक बड़ी मूवमेंट को लेकर पुख्ता खुफिया इनपुट मिले थे। सूचना के आधार पर कोस्ट गार्ड और एटीएस ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। प्रारंभिक जांच में जो खुलासा हुआ है वह बेहद हैरान करने वाला है। यह घातक मादक पदार्थ मूल रूप से दक्षिण अमेरिकी देशों से चला था और पाकिस्तान के रास्ते समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करते हुए भारत में एंट्री कराने की कोशिश में था। तस्करों की योजना गुजरात के तटीय रास्ते का फायदा उठाकर इस खेप को भारतीय बाजारों में खपाने की थी।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का एक गुर्गा गिरफ्तार, पूछताछ जारी
इस बड़े और सफल गुप्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने मौके से एक मुख्य तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी को किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर केंद्रीय एजेंसियां और एटीएस के आला अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि इस गिरोह के तार सीधे तौर पर बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट और सीमा पार बैठे आकाओं से जुड़े हैं। पकड़े गए शख्स से यह उगलवाने की कोशिश की जा रही है कि भारत में इस खेप की डिलीवरी किसे दी जानी थी और इस काले कारोबार में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन शामिल है।
विभिन्न राज्यों में छापेमारी शुरू, 5 साल में 15वां सफल ऑपरेशन
इस बड़ी कामयाबी के बाद गुजरात एटीएस ने देश की अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूत करने के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दिया है। संदिग्ध ठिकानों और तस्कर के मददगारों की तलाश में अलग-अलग राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
यह बड़ी रिकवरी आईसीजी और गुजरात एटीएस के बीच के बेहतरीन तालमेल और सटीक कॉर्डिनेशन का नतीजा है। पिछले पांच सालों के भीतर इन दोनों सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया यह 15वां सफल एंटी-ड्रग्स ऑपरेशन है। अधिकारियों का कहना है कि देश की समुद्री सीमाओं के जरिए होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि पर सैटेलाइट और पेट्रोलिंग के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि ‘नशा मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को हर हाल में पूरा किया जा सके।

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