अमरकंटक के पुष्कर डेम नर्मदा में डूबने से 45 वर्षीय सुरेश सिंह धुर्वे की मृत्यु

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नहाने के लिए गया पानी में , अमरकंटक में हादसे से पसरा मातम

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ नगरी है । अमरकंटक स्थित नर्मदा नदी के प्रथम पुष्कर बांध में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में वार्ड क्रमांक 2 बराती निवासी 45 वर्षीय सुरेश सिंह धुर्वे की डूबने से मृत्यु हो गई । घटना के बाद क्षेत्र में शोक एवं सनसनी का माहौल बना हुआ है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक सुरेश सिंह धुर्वे पिता नर्बद लाल सिंह धुर्वे गुरुवार सुबह लगभग नौ दस बजे के बीच घर से इंडियन गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर ट्रक खाली कराने के कार्य के लिए घर से निकला था । घर से निकलते समय उसने अपनी भाभी से कहा था कि वह कुछ पैसे कमाकर शीघ्र वापस लौट आएगा । कार्य समाप्त करने के बाद वह मोटरसाइकिल से नर्मदा पुष्कर बांध पहुंचा और नहाने के उद्देश्य से बांध के किनारे अपने कपड़े एवं चप्पल उतारकर पानी में उतर गया ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुरेश सिंह धुर्वे ने बांध की पटरी से गहरे हिस्से की ओर कूदा । वहां मौजूद लोगों ने उसे मना भी किया लेकिन उसने उनकी बात अनसुनी कर पानी में छलांग लगा दी । कुछ देर बाद जब वह पानी से बाहर नहीं निकला तो आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाते हुए बचाव का प्रयास किया ।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर वह डूबा वहां पानी की गहरा काफी ज्यादा है । अत्यधिक गहराई होने के कारण स्थानीय तैराकों एवं गोताखोरों ने अंदर जाने से मना कर दिया ।

सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंच गई तथा अनूपपुर जिला पुलिस बल से एसडीआरएफ के गोताखोरों को बुलाया गया । घटना के बाद पुष्कर बांध तट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई ।
यह घटना परिवार के लिए दूसरा बड़ा आघात बनकर सामने आई है । उल्लेखनीय है कि मृतक के बड़े भाई राजेश धुर्वे का निधन भी लगभग छह माह पूर्व हो चुका है ।

मृतक की भाभी कीर्ति सिंह धुर्वे एवं परिजन घटना स्थल पर मौजूद रहे । बताया जाता है कि सुरेश सिंह धुर्वे शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद मेहनत मजदूरी कर स्वयं तथा अपने परिवार का पालन-पोषण करता था ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दो-तीन वर्ष पूर्व भी इसी पुष्कर बांध की पटरी से गिरने के कारण कपिला संगम निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है । इसके बावजूद लोग आज भी जान जोखिम में डालकर बांध की संकरी पटरी से आवाजाही करते हैं । क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने , चेतावनी बोर्ड लगाने तथा खतरनाक हिस्सों में आवागमन रोकने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके ।

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