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फाइलों के चक्रव्यूह से आज़ाद हुई खेती किसानी

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किसान रमेश के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर ।  जब सरकार खुद चलकर किसान के दरवाजे तक पहुंच जाए, तो खेती का हर संकट समाधान में बदल जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में देखने को मिल रहा है, जहां श्सुशासन तिहारश् महज एक आयोजन नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के लिए समृद्धि और राहत का नया माध्यम बनकर उभरा है। इस सुशासन तिहार ने नारायणपुर के सुदूर ग्राम नाऊमुजमेटा के रहने वाले किसान रमेश कुमार ठाकुर की चिंता को चंद मिनटों में दूर कर, सूबे में प्रशासनिक मुस्तैदी की एक नई इबारत लिख दी है।

जब दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति  खरीफ सीजन सिर पर है। हर किसान की तरह रमेश कुमार ठाकुर के सामने भी सबसे बड़ी चुनौती समय पर अच्छी गुणवत्ता के खाद और बीज जुटाने की थी। अमूमन इस काम के लिए किसानों को सोसायटियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। लेकिन इस बार नारायणपुर में आयोजित समाधान शिविर ने तस्वीर बदल दी। रमेश ने अपनी समस्या को सुशासन तिहार के मंच पर रखा। कोई लंबी तारीख नहीं, कोई कागजी लेटलतीफी नहीं। जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए शिविर स्थल पर ही मौके पर रमेश को कृषि कार्य के लिए आवश्यक खाद और बीज सौंप दिया।  रमेश कुमार ठाकुर ने कहा कि पहले हमें खाद-बीज के लिए न जाने कितने चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन सुशासन तिहार ने हमारी समस्या का समाधान हमारे ही गांव में कर दिया। मौके पर खाद-बीज मिलने से अब मैं समय पर खरीफ फसलों की बुवाई कर सकूंगा, जिससे इस बार पैदावार भी अच्छी होगी।

​संवेदनशीलता से सुशासन तक ​यह कहानी सिर्फ एक किसान की नहीं है, बल्कि यह बदलते छत्तीसगढ़ के उस प्रशासनिक ढांचे की बानगी है जो अब श्रूलश् नहीं, श्रोलश् पर ध्यान दे रहा है। आवेदन और समाधान के बीच के समय को न्यूनतम कर दिया गया है। ग्रामीणों को अब मीलों दूर जिला मुख्यालय भागने की जरूरत नहीं है, प्रशासन खुद गांव पहुंच रहा है। ऐन बुवाई के वक्त खाद-बीज मिलने से किसानों की फसल चक्र प्रभावित नहीं होगी, जिससे राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार इस त्वरित और पारदर्शी व्यवस्था से गदगद होकर किसान रमेश कुमार ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का दिल से आभार जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप शासन की जनहितकारी योजनाओं का सीधा लाभ अब कतार के आखिरी व्यक्ति तक पहुंच रहा है। सुशासन तिहार आज सही मायने में ग्रामीणों के भीतर सरकार के प्रति संतोष, सुरक्षा और अटूट विश्वास की नई फसल बो रहा है। रमेश कुमार के चेहरे की यह मुस्कान इस बात की तस्दीक करती है कि जब सुशासन की नीयत साफ हो, तो विकास की राह बेहद आसान हो जाती है।

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