दुर्गम पहाड़ियों के बीच पहुंची स्वास्थ्य की रोशनी स्वास्थ्य शिविरों ने जगाया भरोसा
ग्रामीणों को मिला समय पर उपचार और सुरक्षा का संदेश
रायपुर । बरसात का मौसम शुरू होते ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में जब दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना कठिन हो जाता है, तब स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय पहल ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है।

बलरामपुर जिले के दुर्गम ग्राम नवटोली और खामियां में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों ने न केवल लोगों का उपचार किया, बल्कि उनके मन में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत किया। पहाड़ियों और जंगलों से घिरे इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीम के पहुंचने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
नवटोली की बुजुर्ग महिला श्रीमती कमला देवी बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। इस बार गांव में ही डॉक्टरों की टीम पहुंची, स्वास्थ्य जांच हुई और निःशुल्क दवाइयां भी मिलीं। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
शिविरों में लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने की जानकारी दी गई। आयुष्मान कार्ड और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों तक पहुंचाया गया। गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और बुजुर्गों की विशेष जांच कर आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।
ग्राम खामियां के ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केवल इलाज ही नहीं किया, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाया। कुओं और जलस्रोतों के शुद्धीकरण से गांव में जलजनित रोगों की रोकथाम की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
प्रशासन और समर्पित स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं। दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं केवल उपचार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा, विश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी जगा रही हैं।

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