छत्तीसगढ़ में 16 जून से शुरू होगा ‘शाला प्रवेश उत्सव 2026’, स्कूलों को आकर्षक बनाने और शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश जारी
नवा रायपुर अटल नगर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप छात्र-छात्राओं को स्वच्छ, सुंदर और गुणवत्तायुक्त माहौल में शिक्षा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष 16 जून, 2026 से प्रत्येक स्तर पर ‘शाला प्रवेश उत्सव 2026’ का गरिमामय आयोजन किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में सभी कलेक्टर्स, जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मिशन संचालकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रवेश उत्सव के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला, ब्लॉक और संकुल स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हालांकि, इस उत्सव के लिए विभाग की ओर से कोई पृथक बजट देय नहीं होगा, बल्कि जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर कार्यक्रम को सफल बनाना होगा।
प्रवेश उत्सव से पहले पूरे करने होंगे ये विशेष कार्य:
- व्यापक प्रचार-प्रसार और मुनादी: गांवों और शहरी वार्डों में शाला प्रवेश उत्सव का जोर-शोर से प्रचार करने के लिए बैनर-पोस्टर, रैलियां और मुनादी कराई जाएगी। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समिति और पालकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
- 15 जून तक मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश: शाला प्रारंभ होने से पहले स्कूल भवनों, परिसरों और अध्यापन कक्षों की साफ-सफाई की जाएगी। मरम्मत योग्य भवनों का काम 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा कर परिसर को ‘प्रिन्ट-रिच’ और आकर्षक बनाया जाएगा।
- आंगनबाड़ी से मिलेगी सूची: कक्षा पहली में प्रवेश के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची ली जाएगी। इसी तरह कक्षा 5वीं उत्तीर्ण बच्चों की सूची और टी.सी. प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक से प्राप्त कर कक्षा 6वीं में दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- शिक्षकों के लिए 3 महीने का रोडमैप: स्कूल खुलने से पहले शिक्षकों के लंबित मामलों का निपटारा शिविर लगाकर किया जाएगा। इसके साथ ही कक्षा व विषय शिक्षकों को अध्यापन संबंधी आगामी तीन महीने का रोडमैप तैयार करना होगा।
- शाला त्यागी बच्चों की वापसी: जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं (शाला त्यागी), उन्हें प्रेरित कर पुनः शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा।
उत्सव के दौरान आयोजित होंगे ये कार्यक्रम:
प्रवेश उत्सव के दौरान स्कूल पहुंचे नन्हें-मुन्हें नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय अभिनंदन किया जाएगा। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, निःशुल्क गणवेश (यूनिफॉर्म) और सायकल का वितरण किया जाएगा।
कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा। यदि कोई इच्छुक व्यक्ति बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स या स्कूल बैग दान करना चाहता है, तो वे दे सकते हैं। इस दौरान बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में मेधावी अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों (जैसे JD, DEO, DMC, और DIET प्राचार्यों) को स्कूलों का सतत निरीक्षण करने और अकादमिक मार्गदर्शन देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग को विश्वास है कि इन प्रयासों से शिक्षा सत्र 2026-27 में राज्य को उत्साहजनक उपलब्धियां और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।

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