कोरबा में चला बुलडोजर: शासकीय जमीन पर अवैध कब्जों पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, कई मकान और दुकानें ध्वस्त
कोरबा। जिले में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। दो अलग-अलग स्थानों पर चलाए गए अभियान में सरकारी जमीन और सड़क निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमणों को हटाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया, वहीं प्रभावित लोगों ने विरोध भी दर्ज कराया। पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन द्वारा की गई पहली कार्रवाई बरपाली क्षेत्र में कनकी-तरदा मुख्य मार्ग पर की गई। बरपाली तहसीलदार सत्यपाल राय के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि सिंचाई विभाग की शासकीय भूमि पर कई लोगों ने वर्षों से अवैध कब्जा कर मकान और दुकानें बना रखी थीं। इतना ही नहीं, सरकारी जमीन की अवैध प्लाटिंग कर उसे बेचने और खरीदने का कारोबार भी संचालित किया जा रहा था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि अवैध कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। लगभग 85 मकान मालिकों को विधिवत नोटिस देकर चेतावनी दी गई थी कि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन कार्रवाई करेगा। नोटिस अवधि समाप्त होने के बावजूद जब कब्जे नहीं हटाए गए तो प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी।
शुक्रवार सुबह शुरू हुए अभियान में तीन मकानों और कुछ दुकानों को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। जैसे ही प्रशासनिक टीम कार्रवाई करने पहुंची, स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल मौके पर मौजूद रहा।
इधर दूसरी बड़ी कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर सुतर्रा और जुरली के बीच की गई। इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन कुछ मकान सड़क निर्माण में बाधा बन रहे थे। प्रशासन ने पूर्व सूचना और नोटिस प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। अधिकारियों का कहना है कि सड़क परियोजना जनहित से जुड़ी है और इसके समय पर पूरा होने के लिए बाधक अतिक्रमणों को हटाना आवश्यक था।
प्रशासन के मुताबिक सड़क निर्माण कार्य में देरी से आम लोगों को परेशानी हो रही थी। अतिक्रमण हटने के बाद अब निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
अभियान के दौरान राजस्व, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने ड्रोन और वीडियोग्राफी के माध्यम से पूरी कार्रवाई की निगरानी भी कराई।
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि शासकीय भूमि पर कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है और जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अवैध कब्जाधारियों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या खरीद-फरोख्त करने से पहले संबंधित विभाग से वैधानिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कोरबा प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को जिले में अतिक्रमण मुक्त अभियान की बड़ी पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जनहित और विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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