जगदलपुर में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर में 62 मरीजों की हुई सघन स्क्रीनिंग

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रायपुर । कैंसर से बचाव और शुरुआती पहचान के लिए भारत में अक्सर विभिन्न अस्पतालों, सरकारी योजनाओं और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा निःशुल्क जांच शिविर लगाए जाते हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजनों को जागरूक किया जाता है। आमतौर पर शिविरों के माध्यम से मुंह, स्तन और सर्वाइकल (बच्चेदानी के मुंह) कैंसर जैसी सामान्य बीमारियों की मुफ्त जांच की जाती है।

एक दिवसीय निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जिला स्वास्थ्य समिति जगदलपुर और बालको मेडिकल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को धरमपुरा स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) में एक दिवसीय निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ही लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की विशेषज्ञ जांच और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था, जिसमें कैंसर रोगियों और संभावित मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की गईं।

अत्याधुनिक चलित कैंसर स्क्रीनिंग वैन से हुई मरीजों की जांच शिविर में अपनी सेवाएं देने के लिए बालको मेडिकल सेंटर से दो कैंसर रोग विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) सहित आठ सदस्यीय विशेष टीम जगदलपुर पहुंची थी। यह टीम अपने साथ एक अत्याधुनिक चलित कैंसर स्क्रीनिंग वैन लेकर आई थी, जिसमें मैमोग्राफी मशीन की विशेष सुविधा उपलब्ध थी। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिविर में पहुंचे मरीजों की बेहद उच्च स्तरीय और सघन जांच मौके पर ही सुनिश्चित की गई।

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मैमोग्राफी, पेप स्मीयर, ब्रश साइटोलॉजी जैसी जटिल जांच की गई दिनभर चले इस शिविर के दौरान कुल 62 मरीजों की मैमोग्राफी, पेप स्मीयर और ब्रश साइटोलॉजी जैसी जटिल जांचें की गईं। इन सघन जांच में स्तन कैंसर के दो मरीज, मुख कैंसर का एक मरीज, ब्लड कैंसर का एक मरीज तथा दो अन्य मरीज मिले। इसके अतिरिक्त प्रारंभिक जांच के आधार पर डॉक्टरों ने कुछ मरीजों में कैंसर के संभावित लक्षण भी पाए, जिन्हें विशेषज्ञ द्वारा संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। इन संदिग्ध मामलों में पेट कैंसर का एक और सर्वाइकल कैंसर के आठ मरीज शामिल हैं।

संदिग्ध मरीजों की विशेषज्ञों द्वारा हुई काउंसलिंग शिविर के दौरान केवल बीमारियों की पहचान ही नहीं की गई, बल्कि चिन्हित और संदिग्ध पाए गए सभी मरीजों की विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विशेष काउंसलिंग भी की गई। डॉक्टरों ने मरीजों को बीमारी से न घबराने की समझाइश देते हुए आगे के उन्नत इलाज के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही शिविर में आए अन्य आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सामान्य जांच के तहत बीपी, शुगर और बीएमआई भी मापा गया।

बीमारी की शुरुआती चरण में पहचान से सफल इलाज पूरी तरह संभव शिविर में बस्तर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को अगर शुरुआती चरण में ही पहचान लिया जाए, तो इसका सफल इलाज पूरी तरह संभव है। आज के शिविर का मुख्य उद्देश्य यही था कि लोगों को उनके क्षेत्र में ही विशेषज्ञ जांच मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आज जो भी मरीज चिन्हित या संदिग्ध पाए गए हैं, उन्हें आगे के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग शासन की योजनाओं के माध्यम से उनका निःशुल्क और उत्तम उपचार सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मरीजों की होगी निरंतर ट्रैकिंग एवं फॉलो-अप बालको मेडिकल सेंटर की अत्याधुनिक मोबाइल वैन के सहयोग से की गई सघन स्क्रीनिंग के बाद, जिला एनसीडी सेल द्वारा इन सभी मरीजों की निरंतर ट्रैकिंग और फॉलो-अप किया जाएगा ताकि उन्हें त्वरित और समुचित इलाज मिल सके। इस कार्यक्रम को सफल बनाने और इसके बेहतर प्रबंधन में शहरी कार्यक्रम प्रबंधक पीडी बस्तियां, गैर संचारी रोग के जिला सलाहकार हनी गॉटलिब सहित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ, मितानिनों और अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी सक्रिय और बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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