राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बना नन्हीं ज़िंदगियों का सहारा
समय पर पहचान और निःशुल्क उपचार से आरुष को मिली स्वस्थ जीवन की नई मुस्कान
रायपुर । राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा और संबल का माध्यम बनकर उभर रहा है। समय पर पहचान, विशेषज्ञ उपचार और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से कार्यक्रम अनेक बच्चों को बेहतर और स्वस्थ जीवन प्रदान कर रहा है। इसी पहल के तहत बलरामपुर जिला के कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) की समस्या से जूझ रहे छह माह के मासूम आरुष कुमार यादव को नई जिंदगी की सौगात मिली है।
बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर जन्मजात विकारों, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों एवं विकासात्मक समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उच्च संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

वाड्रफनगर विकासखंड के जनकपुर निवासी आरुष कुमार यादव जन्म से कटे होंठ की समस्या से पीड़ित था, जिससे उसे दूध पीने में कठिनाई होती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति महंगा उपचार कराने की अनुमति नहीं देती थी। ऐसे समय में आरबीएसके टीम ने नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आरुष की पहचान की और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे रायपुर स्थित श्री मेडिसिन हॉस्पिटल में निःशुल्क उपचार के लिए भेजा गया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख और आरबीएसके टीम के समन्वय से आरुष का सफल क्लेफ्ट लिप ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है और परिवार के चेहरे पर चिंता की जगह संतोष और खुशी दिखाई दे रही है।
आरुष के पिता अखिलेश यादव ने भावुक होकर कहा कि शासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उनके बच्चे का इलाज संभव हो सका। उन्होंने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं आरबीएसके टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले उपचार ने उनके बेटे को नया जीवन और पूरे परिवार को नई उम्मीद दी है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यह योजना ऐसे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर न केवल उनके स्वास्थ्य में सुधार ला रही है, बल्कि परिवारों के जीवन में भी नई खुशियां और विश्वास का संचार कर रही है।

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