नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी से खेती बनी अधिक लाभकारी, किसानों को मिल रहे बेहतर परिणाम

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कम लागत, आसान उपयोग और बेहतर उत्पादन से बढ़ा किसानों का भरोसा

रायपुर । आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचार आधारित उर्वरकों के उपयोग से प्रदेश के किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) द्वारा विकसित नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी किसानों के लिए प्रभावी, किफायती और सुविधाजनक विकल्प बनकर उभर रहे हैं। इन उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ उत्पादन और पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता में भी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सोनपुर खुर्द की प्रगतिशील किसान श्रीमती भगवती राजवाड़े ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग से मिले अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके परिवार के पास लगभग 1.23 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जहां पिछले वर्ष धान सहित अन्य फसलों में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया गया। इससे फसलों की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला।

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श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि नैनो उर्वरकों का सबसे बड़ा लाभ उनका आसान परिवहन और उपयोग है। पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी की छोटी बोतलों को खेत तक ले जाना सरल है, जिससे समय, श्रम और परिवहन लागत में कमी आती है। उन्होंने बताया कि निर्धारित मात्रा में पानी के साथ घोल बनाकर इसका छिड़काव आसानी से किया जा सकता है, जिससे पोषक तत्व समान रूप से फसलों तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल की बढ़वार, गुणवत्ता और उत्पादन में अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। कम मात्रा में अधिक प्रभावी होने के कारण यह किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी विकल्प साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग से भंडारण की समस्या भी नहीं रहती और आवश्यकता अनुसार आसानी से इनका उपयोग किया जा सकता है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरक पौधों तक पोषक तत्वों की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है तथा खेती की लागत कम करने में मदद मिलती है। साथ ही संतुलित उपयोग से मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग के संबंध में लगातार प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

श्रीमती भगवती राजवाड़े ने किसानों से अपील की कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का अधिकाधिक उपयोग करें। उनका कहना है कि इससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के प्रयास प्रदेश में कृषि विकास को नई दिशा दे रहे हैं।

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