मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सैनिक भाइयों के लिए भेजे रक्षा सूत्र
‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ के तहत सरगुजा से सैनिकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ की बहनों का स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद
रायपुर । रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सैनिक भाइयों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से संचालित ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा की महिलाओं एवं स्काउट-गाइड द्वारा एकत्रित रक्षा सूत्र सैनिकों के लिए रवाना किए। अंबिकापुर के सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वयं रक्षा सूत्र भेजकर सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह लगातार चौथा वर्ष है, जब छत्तीसगढ़ की बहनों की ओर से देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए रक्षा सूत्र भेजे जा रहे हैं। यह अभियान प्रदेश की महिलाओं के सैनिक भाइयों के प्रति स्नेह, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर जब पूरा देश अपने परिवार के साथ खुशियां मनाता है, तब हमारे सैनिक भाई अपने परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा में डटे रहते हैं। उनके त्याग और समर्पण को नमन करते हुए बहनों की ओर से भेजा गया यह रक्षा सूत्र प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद का संदेश लेकर जवानों तक पहुंचेगा।

रक्षा सूत्र सैनिकों के लिए बहनों के स्नेह का संदेश

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि सैनिकों और देशवासियों के बीच भावनात्मक संबंध का प्रतीक है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताएं और बहनें देश के वीर जवानों को यह संदेश दे रही हैं कि पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवार और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से दूर रहने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए रक्षा सूत्र जब सैनिक भाइयों की कलाइयों पर बंधेंगे, तो उनमें प्रदेश की बहनों के स्नेह और आशीर्वाद की अनुभूति होगी।
चौथे वर्ष में पहुंचा ‘सिपाही रक्षा सूत्र’ अभियान
अभियान के संयोजक एवं पूर्व सैनिक महासभा के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने बताया कि ‘सिपाही रक्षा सूत्र’ अभियान की शुरुआत बिलासपुर से हुई थी। वर्ष 2023 में लगभग 6 लाख 71 हजार, वर्ष 2024 में लगभग 9 लाख और वर्ष 2025 में 12 लाख 21 हजार रक्षा सूत्र सैनिकों तक भेजे गए। इस तरह पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ से लगभग 27 लाख 92 हजार रक्षा सूत्र सैनिकों के सम्मान में भेजे जा चुके हैं।
वर्ष 2026 में अभियान का चौथा चरण ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 21 लाख रक्षा सूत्र एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के माध्यम से थल सेना, जल सेना और वायु सेना के जवानों तक भी छत्तीसगढ़ की बहनों का रक्षा सूत्र पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अंबिकापुर से जशपुर होते हुए रांची रवाना होंगे रक्षा सूत्र
अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के बाद रक्षा सूत्रों से भरी वाहन रैली जशपुर होते हुए रांची की ओर रवाना होगी। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात सैनिकों तक रक्षा सूत्र पहुंचाए जाएंगे।
यह अभियान रक्षाबंधन के पर्व को सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। छत्तीसगढ़ की बहनों द्वारा भेजे जा रहे रक्षा सूत्र देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक प्रदेशवासियों के स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं का संदेश पहुंचाएंगे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, पूर्व सांसद कमल भान सिंह, किसन सिंह, भारत सिंह सिसौदिया, विनोद हर्ष, अरुणा सिंह सहित जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक महासभा के पदाधिकारी, स्काउट-गाइड की सदस्याएं एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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