साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
रिपोर्टर ✒️ रूपचंद रॉय
गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में साइबर जागृति अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया जागरूक
बिलासपुर । डिजिटल युग में मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया ने लोगों के जीवन को आसान और सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई चंद मिनटों में ठग रहे हैं। इसी को देखते हुए राज्य स्तर पर चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस द्वारा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहे राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधों से बचाव के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करना और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित करना है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन ठगी से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।

जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों की जीवनभर की गाढ़ी कमाई को कुछ ही मिनटों में चट कर जाते हैं। ऐसे में डिजिटल युग में जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाइश देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, सीवीवी, पासवर्ड तथा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही किसी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। मोबाइल पर आने वाली अनजान एप्लीकेशन या एपीके फाइल को डाउनलोड करना भी नुकसानदायक हो सकता है। साइबर अपराधी अक्सर ऐसे ही माध्यमों का इस्तेमाल कर मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
जागरूकता की सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर दें संदेश
पुलिस महानिरीक्षक ने विद्यार्थियों को साइबर जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बने और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करे।
उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर जागरूकता की सेल्फी लेकर उसे व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक के स्टेटस पर लगाने तथा बिलासपुर पुलिस को सोशल मीडिया पर फॉलो करने की अपील की। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
सुविधा के साथ दुविधा भी बढ़ी
उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध वर्तमान समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक बन चुका है। समाज का प्रत्येक वर्ग किसी न किसी रूप में साइबर अपराध से प्रभावित हो रहा है। युवा वर्ग भी इसका बड़ा लक्ष्य है, क्योंकि आज लगभग हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल और इंटरनेट उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट ने डिजिटल दुनिया को आसान बनाया है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से लोगों को कई सुविधाएं मिली हैं, लेकिन इसी सुविधा के साथ दुविधा भी बढ़ी है। डिजिटल दुनिया में की गई जरा सी लापरवाही या एक छोटी सी भूल किसी व्यक्ति को साइबर अपराध का शिकार बना सकती है।
उन्होंने कहा कि आज का दौर डिजिटल युग है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई जानकारी साझा करने, संदिग्ध लिंक खोलने या अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से कहा कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो वह तुरंत 1930 पर सूचना दे और पुलिस को इसकी जानकारी दे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि साइबर अपराध से बचाव के लिए स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी डिजिटल सुरक्षा के नियमों की जानकारी दें।
Mobiarmor ऐप की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध की रोकथाम के लिए Mobiarmor ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस की ओर से बताया गया कि यह ऐप मोबाइल में मौजूद संभावित खतरे वाले ऐप और फाइलों के बारे में उपयोगकर्ता को सतर्क करने में मदद करता है।
विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही उन्हें कहा गया कि साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी केवल स्वयं तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी इसके बारे में बताएं।
गूगल फॉर्म से पढ़ें जानकारी और दें वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी
साइबर जागरूकता को विद्यार्थियों तक रोचक और प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने एक अनोखी पहल भी शुरू की है। इसके तहत गूगल फॉर्म के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचाव से संबंधित जानकारी पढ़कर वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी में भाग लेने की व्यवस्था की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को इस पहल की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक संख्या में प्रश्नोत्तरी में भाग लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को ई-मेल के माध्यम से ऑनलाइन ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी साइबर सुरक्षा संबंधी समझ को भी मजबूत करना है। विद्यार्थी जानकारी पढ़ने के बाद प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपनी जागरूकता को परख सकते हैं।
प्रत्येक थाना और चौकी में चल रहा अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर जागृति अभियान केवल गुरु घासीदास विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। बिलासपुर जिले के प्रत्येक थाना और चौकी में भी साइबर जागरूकता अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है।
अभियान के माध्यम से पुलिस द्वारा आम नागरिकों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क किया जा रहा है।
डिजिटल सुरक्षा को लेकर युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में केवल पुलिस की भूमिका पर्याप्त नहीं है। आम नागरिकों और विशेषकर युवाओं की जागरूकता भी बेहद जरूरी है। युवा वर्ग तकनीक का सबसे अधिक उपयोग करता है और यदि वह स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बने तो अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले लोगों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
जागरूकता कार्यक्रम में कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस गगन कुमार, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो. निदेशक मनीष श्रीवास्तव सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, विश्वविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाकर एक सुरक्षित और जागरूक डिजिटल समाज का निर्माण करना रहा। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से स्वयं साइबर सुरक्षित बनने के साथ-साथ परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
सतर्क रहें, जागरूक रहें
बिलासपुर पुलिस

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