किसानों को इस वर्ष 904 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण
नई सहकारी समितियों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कामकाज की समीक्षा की
रायपुर । सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने और किसानों को समय पर ऋण सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को आधुनिक और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पैक्स का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है, जिससे समितियों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों को ऋण और अन्य सहकारी सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता से मिल सकेगा। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सभाकक्ष में बैठक लेकर बैंक के कामकाज और किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मंत्री ने सहकारी संस्थाओं को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने तथा किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पात्र किसानों को ऋण लेने में किसी तरह की परेशानी न हो और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से उन्हें आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हों, इसके लिए अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने कहा गया।

किसानों को समय पर ऋण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
सहकारिता मंत्री ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ऋण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पात्र किसानों को निर्धारित समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सहकारी बैंक और समितियों की सेवाओं को किसान केंद्रित बनाने पर जोर दिया। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता समय पर मिलने से उन्हें खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने में सुविधा होगी।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। इसलिए समितियों के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए मैदानी स्तर पर भी प्रभावी प्रयास किए जाएं।
पांच जिलों में खुलीं 47 नई समितियां
बैठक में बताया गया कि पांच जिलों में नई 47 सहकारी समितियां खोली गई हैं। इनमें अकेले बिलासपुर जिले में 16 नई समितियां शामिल हैं। मंत्री ने इन सभी नई समितियों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नई समितियां केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि संबंधित क्षेत्रों के किसानों को सहकारिता से जुड़ी सेवाओं का वास्तविक लाभ स्थानीय स्तर पर मिलना चाहिए। समितियों में आवश्यक संसाधन, कार्यालयीन सुविधाएं और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि इनके माध्यम से किसानों को ऋण, बैंकिंग और शासन की विभिन्न सहकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
किसानों को 904 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण सुविधा
बैठक में वर्ष 2026 में किसानों को वितरित किए गए ऋण की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसानों को 73,207.17 लाख रुपये का नगद ऋण तथा 17,273.35 लाख रुपये का वस्तु ऋण वितरित किया गया है। इस प्रकार किसानों को कुल 90,480.52 लाख रुपये, यानी 904 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मंत्री ने ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र किसानों तक समय पर ऋण पहुंचना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सहकारी बैंकों और समितियों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने तथा ऋण वितरण की प्रक्रिया में किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
31 अगस्त तक पूरा करें पैक्स का कंप्यूटरीकरण
बैठक में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली और कंप्यूटरीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कुछ समितियों में डेटा एंट्री का कार्य अब तक पूरा नहीं होने की जानकारी सामने आई। इस पर मंत्री ने सभी पैक्स में डेटा एंट्री और कंप्यूटरीकरण का कार्य 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तय समयसीमा में कार्य पूरा किया जाए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पैक्स के कंप्यूटरीकरण से समितियों के कामकाज को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के साथ किसानों को डिजिटल माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सहकार से समृद्धि योजना की प्रगति की समीक्षा
मंत्री ने बैठक में ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। योजना के तहत संचालित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।
कॉमन सर्विस सेंटर की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सभी केंद्रों में आईडी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाना आवश्यक है।
अन्न भंडारण योजना और अधूरे गोदामों की समीक्षा
बैठक में अन्न भंडारण योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने योजना का शत-प्रतिशत और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोदाम निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने अधूरे गोदामों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।
उन्होंने हाउसिंग बोर्ड और संबंधित अधिकारियों को अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि तैयार होने वाले गोदामों का उपयोग किसानों और सहकारी समितियों के हित में किया जा सके। कृषि उपज के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था होने से किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण में सुविधा मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण क्षमता भी बढ़ेगी।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए चलाएं व्यापक अभियान
मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को किसान क्रेडिट कार्ड के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक ऋण सुविधा समय पर उपलब्ध हो सके।
उन्होंने मैदानी स्तर पर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की पात्रता, प्रक्रिया और इससे मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देने पर भी जोर दिया, जिससे पात्र किसान योजना का लाभ लेने से वंचित न रहें।
लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें
बैठक में ऋण वितरण समितियों की स्थिति, वर्तमान एवं लंबित अल्पकालीन कृषि ऋण, ब्याज अनुदान, माइक्रो एटीएम की उपलब्धता एवं संचालन तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा उनका समाधान निर्धारित समयसीमा में किया जाए। माइक्रो एटीएम सहित बैंकिंग सुविधाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और आम नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न हो।
बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, उपाध्यक्ष रजनी साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मिश्रा, नोडल अधिकारी आशीष दुबे सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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