आईजी गर्ग के तकनीकी नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता।
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग । ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा “Digital Tools for Crime Prevention: Trinayan and Sashakt” नामक ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को ‘IGOT Karmayogi’ प्लेटफार्म पर शुरू किया गया है। यह पाठ्यक्रम दुर्ग रेंज पुलिस के तकनीकी नवाचारों पर आधारित है। IGOT Karmayogi App (Integrated Government Online Training) भारत सरकार का ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफार्म है। इसका उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों की कौशल वृद्धि , क्षमता निर्माण और दक्षता विकास को सुदृढ़ करना है। इस प्लेटफार्म पर विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन प्रशिक्षण माड्यूल , मूल्यांकन और प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं। अधिकारी/कर्मचारी पंजीकरण कर इन प्रशिक्षणों को पूरा कर अपने कौशल और क्षमता की वृद्धि कर सकते हैं। दुर्ग रेंज पुलिस के नवाचार त्रिनयन एप्प सभी सार्वजनिक एवं निजी सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन और जियो टैगिंग प्रदर्शित करता है। यह ऐप घटना स्थल पर तुरंत सीसीटीवी फूटेज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती है। सशक्त ऐप चोरी एवं लापता वाहनों की रीयल-टाइम जांच , सत्यापन और बरामदगी प्रक्रिया को तेज करता है। इसके अतिरिक्त सशक्त एप्प को शीघ्र ही अब आम जनता के लिये भी उपलब्ध कराया जायेगा। जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं भी चोरी लापता वाहनों की वास्तविक समय में जाँच कर सकते हैं। इससे वाहन चोरी के मामलों में त्वरित सूचना एवं रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सका है। यह दोनों तकनीक त्रिनयन एवं सशक्त पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग दुर्ग रेंज की दूरदर्शी पहल , नेतृत्व और आधुनिक पुलिसिंग के विजन का परिणाम है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ने इन एप्लिकेशन को स्मार्ट पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानते हुए इन्हें IGOT Karmayogi पर राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण में शामिल किया है , जिससे अब देश भर के पुलिस बल इन नवाचारों को अपना सकेंगे। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज के द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं पूरी टीम को इस हेतु बधाईयां दी है।

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