मनरेगा समेत स्थानीय समस्याओं को लेकर कांग्रेसियों ने किया कलेक्ट्रेट घेराव
मुंगेली । मनरेगा के नाम और नियमों में प्रस्तावित बदलाव, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व पेयजल संकट, गुणवत्ता विहीन सड़क निर्माण, आवास, पेंशन और रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेसी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यह घेराव जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में किया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 12 जनवरी से पूरे प्रदेश में मनरेगा को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है, जो 26 फरवरी तक चलेगा।
इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार 19 फरवरी 2026, गुरुवार को जिला स्तर पर यह घेराव किया गया। घेराव के दौरान जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरेखा है। इसके नाम, स्वरूप या नियमों में बदलाव से योजना की मूल भावना और उद्देश्य प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि जिले में पहले ही मजदूरों को समय पर रोजगार नहीं मिल पा रहा है और मजदूरी भुगतान में लगातार देरी हो रही है। कई पंचायतों में मांग के अनुरूप कार्य स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को 100 दिनों का रोजगार दिया जाए और लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी ने कहा कि सरकार द्वारा रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने की तैयारी से आम आदमी के लिए जमीन खरीदना सपना बनता जा रहा है। उन्होंने जिले में रजिस्ट्री के लिए लागू किए गए नजरी नक्शा आदेश पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह व्यवस्था प्रदेश के अन्य जिलों में लागू नहीं है। कांग्रेस नेता संजीत बनर्जी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को बदहाल बताया। उन्होंने कहा कि अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और जर्जर ट्रांसफार्मरों के कारण आमजन और किसान परेशान हैं।
सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है और कई गांवों में महीनों से खराब पड़े ट्रांसफार्मरों की मरम्मत नहीं की गई है। उन्होंने विद्युत आपूर्ति को नियमित और सुचारु करने की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई। नेताओं ने बताया कि कई गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं, नल-जल योजनाएं बंद हैं और टैंकर व्यवस्था भी नाकाफी है। गर्मी शुरू होने से पहले ही हालात चिंताजनक हो गए हैं। कांग्रेस ने सभी खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, नई बोरिंग की स्वीकृति और नल-जल योजनाओं को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग की।
थानेश्वर साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कई सड़कों की गुणवत्ता बेहद खराब है। निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़कें उखड़ रही हैं और गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने इन सड़कों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई तथा गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण की मांग की।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि इन सभी जनहित के मुद्दों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी को व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस दौरान विजय केशरवानी, संजीत बनर्जी, हेमेंद्र गोस्वामी, रोहित शुक्ला, दीपक गुप्ता, चंद्रभान बारमते, स्वतंत्र मिश्रा, संजय यादव, सागर सोलंकी, लक्ष्मीकांत भास्कर, अरविंद वैष्णव, जित्तू श्रीवास्तव, याकूब अली, उर्मिला यादव, मंजू शर्मा, दादू मल्लाह सहित बड़ी संख्या में शहर व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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