वेतन बिना बेनूर हुई होली: रायगढ़ एन.एच.एम. कर्मचारियों का दर्द, बजट के बावजूद भुगतान लंबित
“क्या इस बार फीकी रहेगी स्वास्थ्य रक्षकों की होली? बिना वेतन के कैसे मनेगा त्यौहार?”
रायगढ़ । होली जैसे उल्लासपूर्ण पर्व के निकट आते ही जहां बाजार रंग-गुलाल से सज चुके हैं, वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों के घरों में इस बार उत्साह के स्थान पर चिंता का माहौल है। जिले में कार्यरत लगभग 750 एन.एच.एम. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले कई वर्षों से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर निष्ठापूर्वक कार्य कर रहे हैं, किंतु विगत वर्षों से वेतन भुगतान में निरंतर विलंब के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। गत माह भी कर्मचारियों को केवल 15 दिवस का वेतन प्राप्त हुआ था, जिससे उनकी पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन अत्यंत कठिन हो गया है।
एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी के अनुसार, होली जैसे बड़े पर्व के समीप होने के बावजूद कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान के स्थान पर भविष्य की चिंता स्पष्ट दिखाई दे रही है। बढ़ती महंगाई के दौर में बिना वेतन घर का खर्च चलाना कठिन हो गया है। कर्मचारियों को अपने वृद्ध माता-पिता की दवाइयों, बच्चों की स्कूल फीस, किराया, ऋण किश्त और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में त्योहार की तैयारियां करना तो दूर, आवश्यक वस्तुएं खरीदना भी संभव नहीं हो पा रहा है।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्षभर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने वाले कर्मचारियों को ही त्यौहार के समय वेतन के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने शासन और विभागीय अधिकारियों से कर्मचारियों की पीड़ा को गंभीरता से लेने की अपील की है तथा पूछा है कि पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद वेतन जारी करने में देरी क्यों हो रही है और लंबित मांगों पर अब तक ठोस निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
ज्ञातव्य है कि दिनांक 01.12.2025 को जिले को ₹1550 लाख (₹15.50 करोड़) की वित्तीय सीमा प्राप्त हुई थी, जिसमें वेतन भुगतान हेतु स्पष्ट प्रावधान था। किंतु उक्त राशि से वेतन हेतु किसी प्रकार का रिजर्व/प्रोविजन सुरक्षित न रखकर संपूर्ण राशि व्यय कर दी गई, जबकि कम से कम दो माह के वेतन के लिए आरक्षित राशि रखी जा सकती थी, जिससे वर्तमान जैसी स्थिति उत्पन्न न होती। शासन द्वारा दिवाली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान के निर्देश जारी होने के बावजूद कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं मिल सका था।
जनवरी 2026 से लागू नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक माह 16 तारीख से अगले माह की 15 तारीख तक का पे-डाटा भेजना निर्धारित किया गया है, फिर भी फरवरी 2026 का वेतन आज दिनांक तक प्राप्त नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है और त्योहार से ठीक पूर्व यह विलंब उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया है।
दिनांक 27.02.2026 को संघ पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में भेंट कर वेतन भुगतान में हो रहे विलंब से अवगत कराया तथा त्वरित समाधान की मांग की। साथ ही अपने जनप्रिय विधायक एवं वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी से हस्तक्षेप कर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने तथा निराकरण का निवेदन किया गया है। रायगढ़ कलेक्टर से भी पत्र के माध्यम से, इस संबंध में शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया है।
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र वेतन जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन या हड़ताल का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे, जिसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।
मुख्य मांगें:
- माह फरवरी 2026 का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए।
- भविष्य में वेतन भुगतान हेतु नियमित एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कर्मचारियों को बार-बार ऐसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
संघ ने शासन-प्रशासन से आग्रह किया है कि कर्मचारियों की परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही कर उन्हें सम्मानपूर्वक त्योहार मनाने का अवसर प्रदान किया जाए।



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