मुंगेली प्रेस क्लब में ‘दुलत्ती’ का भव्य विमोचन, व्यंग्य और ठहाकों के बीच मनी साहित्यिक होली
मुंगेली। होली के उल्लास और रंगों के बीच इस वर्ष मुंगेली में शब्दों, व्यंग्य और हास्य का अनोखा संगम देखने को मिला। मुंगेली प्रेस क्लब भवन में होली विशेष व्यंग्य पत्रिका ‘दुलत्ती’ के प्रकाशन के 50वें वर्ष पर निकाले गए विशेष अंक का भव्य विमोचन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, साहित्यप्रेमियों और शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में पूरे समारोह का माहौल हंसी-ठिठोली और ठहाकों से गूंजता रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा सभागार साहित्यिक होली के रंग में रंग गया हो।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले के करकमलों से जैसे ही ‘दुलत्ती’ के विशेष अंक का विमोचन हुआ, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर अपने संबोधन में विधायक मोहले ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दिलों को जोड़ने और रिश्तों में मिठास घोलने का पर्व है। उन्होंने कहा कि ‘दुलत्ती’ जैसी व्यंग्य पत्रिका समाज और राजनीति की गतिविधियों को हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत करती है, जिससे लोगों को हंसने के साथ-साथ सोचने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने प्रेस क्लब की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए इसे शहर की सांस्कृतिक परंपरा बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय ने कहा कि मुंगेली में ‘दुलत्ती’ की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है और यह शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हास्य और व्यंग्य समाज का आईना होता है, जो लोगों को अपनी कमियों और सामाजिक परिस्थितियों को सहज ढंग से समझने का अवसर देता है। उन्होंने पत्रिका के 50वें वर्ष के प्रकाशन पर संपादकीय टीम और प्रेस क्लब को बधाई दी।

मुंगेली प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल सोनी ने कहा कि ‘दुलत्ती’ केवल एक पत्रिका नहीं बल्कि मुंगेली की साहित्यिक और पत्रकारिता परंपरा का प्रतीक है। पिछले 50 वर्षों से यह पत्रिका होली के अवसर पर प्रकाशित होकर समाज और राजनीति की गतिविधियों को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाती आ रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और शहरवासियों के सहयोग से यह परंपरा लगातार मजबूत होती जा रही है।

वहीं जिला अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में हास्य और व्यंग्य का विशेष महत्व होता है। यह तनावपूर्ण माहौल को हल्का करने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी माध्यम बनता है। उन्होंने ‘दुलत्ती’ के 50 वर्ष पूरे होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रेस क्लब और संपादकीय टीम को शुभकामनाएं दीं।

पत्रिका के संपादक मनोज अग्रवाल ने बताया कि ‘दुलत्ती’ का पहला अंक वर्ष 1976 में प्रकाशित हुआ था और तब से हर वर्ष होली के अवसर पर इसका प्रकाशन किया जाता है। पत्रिका में स्थानीय राजनीति, सामाजिक गतिविधियों और जनप्रतिनिधियों के वर्षभर के कार्यों को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे पाठकों को मनोरंजन के साथ-साथ समाज की गतिविधियों की झलक भी मिलती है।

कार्यक्रम में गिरीश शुक्ला, शैलेश पाठक, राणा प्रताप, मोहन भोजवानी, सुनील पाठक, किशोरीलाल केशरवानी, कोटू ददवानी, नरेंद्र जैन, राकेश गुप्ता, प्रवीण वैष्णव, अशोक गुप्ता, विजय यादव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, नागरिक और व्यवसायी उपस्थित रहे। इस दौरान मंच पर आरोप-प्रत्यारोप की जगह चुटीले व्यंग्य, हास्य-प्रहार और मजेदार टिप्पणियों ने सभी का भरपूर मनोरंजन किया।


कार्यक्रम का संचालन सुनील पाठक ने किया। प्रेस क्लब सचिव योगेश शर्मा, शैलेंद्र जायसवाल, भूपेंद्र सिंह ठाकुर, रोहित कश्यप, निखिलेश लाल, नील कमल सिंह, अलीम मिर्जा, नईम खान, संतोष पाठक सहित पदाधिकारियों और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम बेहद जीवंत और यादगार बन गया। अंत में ‘दुलत्ती’ पत्रिका के सह-संपादक असीम अग्रवाल और अक्षय लहरे ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, पत्रकारों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कुल मिलाकर ‘दुलत्ती’ का यह विमोचन यह संदेश दे गया कि मुंगेली में होली केवल रंगों से ही नहीं बल्कि शब्दों की मिठास, व्यंग्य की चुटकी और हंसी के ठहाकों के साथ भी पूरे उत्साह और उल्लास से मनाई जाती है।
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