अफीम की खेती कांग्रेस सरकार के संरक्षण में हुआ शुरू, जिसे भाजपा सरकार ने पकड़ा, की कार्रवाई – डॉ. मिश्रा

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  • सरकार ने दिखाई सजकता, मामला सामने आते ही जांच में जुटी
  • सम्पूर्ण कार्रवाई के बाद अफीम की खेती देखने क्यों गए भूपेश ?

रायपुर । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रतिबंधित अफीम की खेती का मामला उजागर होने के बाद उठ रहे सवालों पर प्रदेश भाजपा ने रविवार को विस्तार से जवाब दिया।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा, नलिनेश ठोकने, शिव नारायण पांडेय और भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित साहू ने एकात्म परिसर में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस ली और वीडियो प्रजेंटेशन के जरिए पूरे मामले का विस्तार से जवाब देते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लगाए जा रहे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। साथ ही कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार ने इस मामले में संपूर्ण कार्रवाई कर दी थी, उसके दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस नेताओं के साथ अफीम के खेत में क्यों गए?

वीडियो में अफीम के फूल की चोरी और बेचने की जो बातें सामने आ रही है। अब कांग्रेस को पहले इसका जवाब देना चाहिए? इस पूरे मामले में कांग्रेस केवल अपनी राजनीति चमकाने का कथित प्रयास कर रही है,जबकि राज्य की विष्णुदेव साय की सरकार ने मामला सामने आते ही एक घंटे के भीतर सम्पूर्ण कारवाई की , जो राज्य सरकार की सजगता और गंभीरता को दर्शाता है, दूसरी ओर प्रदेश भाजपा संगठन ने भी पूर्व भाजपा नेता को पार्टी से निलंबित कर दिया और संदेश दिया कि भाजपा की सदयस्ता लेकर ऐसे कृत्य करने वाले भी नही बक्शे जाएंगे।

कांग्रेस ने संरक्षण में नशे का कारोबार फला- फूला–

भाजपा प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने सबसे पहले अफीम की खेती का वीडियो दिखाया और बताया कि कैसे मक्का और गेंहू के उपज के बीच अफीम की खेती की जा रही थी। उन्होंने बताया यह कृत्य पिछले 5 सालों से चल रहा था, मतलब साफ है कि भूपेश बघेल की सरकार के समय से यह सब शुरू हुआ था। उन्होंने दोहराया कि यह सर्व विदित है कि कांग्रेस के संरक्षण में नशे का कारोबार फला-फूला। जाँच में यह स्पष्ट हो चुका है कि अफीम की यह खेती पिछले पाँच वर्षों से चल रही थी। इसका सीधा अर्थ है कि यह काला कारोबार कांग्रेस शासनकाल के दौरान शुरू हुआ और उनके संरक्षण में पनपा,मगर भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार ने सूचना मिलते ही एक घंटे के भीतर कलेक्टर, पुलिस और सभी एजेंसियों को मौके पर भेजकर त्वरित कार्रवाई की।

प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री बघेल से सवाल किया कि जब सरकार और प्रशासन पूरी तत्परता से कार्रवाई कर रहे थे, तो वह (श्री बघेल) अगले ही दिन कैमरा लेकर वहाँ क्यों पहुँच गए? बघेल के साथ जो लोग वहाँ पहुंचे, वे वीडियो में अफीम चुराकर बेचने की बात करते सुने जा रहे हैं। यह वीडियो खुद कांग्रेस की वेबसाइट पर डाला गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कांग्रेस के लोगों की संलिप्तता का संदेह जाहिर किया और कहा कि विपक्ष तब शोर मचाता है, जब कार्रवाई न हो रही हो। यहाँ तो राज्य सरकार ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का वहाँ जमावड़ा सिर्फ ‘राजनीति चमकाने’ की कोशिश है या अपने करीबियों को बचाने का प्रयास?

प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने आगे यह भी सवाल उठाया कि क्या श्री बघेल वहाँ इसलिए पहुँचे थे ताकि जाँच की दिशा मोड़ी जा सके या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सके? उन्होंने विश्वास जताया कि इस मामले की गहन जाँच और मिलने वाले तथ्य से आगे सत्यता का खुलासा होगा। रजत सरकार किसी भी स्तर पर छत्तीसगढ़ को अशांत करने वाले और नशा के किसी भी सौदागर को नही बख्शने वाली है, ऐसे लोगो पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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कांग्रेस ने हमेशा अपराध करने वाले नेताओं को बचाया – अमित साहू

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित साहू ने भी सवाल उठाया कि किसी भाजपा नेता को ऐसे कृत्य करने की कोई छूट नही है। पार्टी ने आरोप लगते ही उक्त भाजपा नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन कॉंग्रेस ने कभी ऐसी हिम्मत नही दिखाई। उन्होंने कंहा कांग्रेस के पूर्व मंत्री कवासी लखमा जेल में रहकर आ गए, विधायक देवेंद्र यादव, बालेश्वर , पर कांग्रेस पार्टी ने क्या कारवाई की। इतना ही नही पूर्व मंत्री अमरजीत भगत पर आरोप लगे क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दर्जनों नेताओ से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए, कांग्रेस पार्टी ने क्या कार्रवाई की। प्रदेश की जनता सब समझ गई है, की कांग्रेस ही अपराधो की जननी है। इसलिए कांग्रेस को भाजपा संगठन पर सवाल उठाने से पहले खुद से जवाब लेना चाहिए।

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